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कोरोना वायरसः डब्ल्यूएचओ ने कहा-एंटीबॉडीज बनने पर दोबारा संक्रमण नहीं इसकी गारंटी नहीं

Sun, 26 Apr 2020 08:37 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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विश्व स्वास्थ्य संगठन - फोटो : social media
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डब्ल्यूएचओ ने इम्युनिटी पासपार्ट को लेकर फिर चेतावनी दी है कि अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जो लोग वायरस से ठीक हुए हैं उन्हें दोबारा संक्रमण नहीं होगा। इससे खतरा बढ़ सकता है। शनिवार को डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अभी और शोध की जरूरत है। इसके बाद भी इम्युनिटी पासपोर्ट या रिस्क फ्री सर्टिफिकेट की सत्यता पर विचार किया जा सकता है।

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संगठन ने कहा कि जो लोग ये सोच रहे हैं कि वे दोबारा संक्रमण की चपेट में नहीं आएंगे इसकी कोई गारंटी नहीं है। वायरस दोबारा हावी हो सकता है। साथ ही एंटीबॉडीज की भी सत्यता परखनी होगी तभी इसकी सटीकता का पता लगाया जा सकता है। कुछ देश इम्युनिटी पासपोर्ट और रिस्क फ्री सर्टिफिकेट देकर लोगों को काम पर लौटने की इजाजत देना चाहते हैं।

इम्युनिटी पासपोर्ट का वैज्ञानिक सच

प्राकृतिक संक्रमण की चपेट में आने के बाद इम्युनिटी बनने में कम से कम एक से दो सप्ताह का समय लगता है। हालांकि शरीर संक्रमण के खिलाफ काम शुरू कर देता है और वायरस को फैलने से रोकता है। कई बार रोग के लक्षणों को भी सामने आने से रोकती है। शरीर की टी-सेल्स संक्रमित कोशिकाओं को पहचान कर खत्म करती है।

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इसे वैज्ञानिक भाषा मं सेल्युलर इम्युनिटी कहते हैं। संयुक्त रूप से होने वाली इस क्रिया से शरीर में वायरस की मौजूदगी खत्म होती है।

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