34 साल के ली कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित चीनी प्रांत वुहान में प्रेक्टिस करते हैं। ली ने अपने साथियों को कहा था कि वह अपने परिजनों को इस बारे में गोपनीय तरीके से बता दें। मगर उनका स्क्रीनशॉट कुछ ही समय में वायरल हो गया। इसके बाद ही ली को समझ में आ गया कि अब उनके लिए मुसीबत होने वाली है।
वुहान के स्वास्थ्य प्रशासन ने ली को नोटिस भेजकर पूछा कि आखिर आपको इस बारे में कैसे पता चला। इसके एक दिन बाद ही प्रशासन ने इसे लेकर घोषणा कर दी। मगर ली की परेशानियां खत्म नहीं हुईं।
अफवाह फैलाने का लगा आरोप
डॉक्टर ली के मैसेज भेजने के कुछ देर बाद ही पुलिस ने उन पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया। ऐसा नहीं है कि आवाज उठाने वाले वह अकेले थे। पुलिस ने सभी मेडिकल अधिकारियों को निशाने पर ले लिया। सरकार की तरफ से नोटिस आ गया कि कोई भी बीमारी और उसके इलाज के बारे में जानकारी लीक नहीं करेगा। डॉक्टर ली को भी लिखित में ऐसा दोबारा नहीं करने की बात कहते हुए माफी मांगनी पड़ी।
अब डॉक्टर खुद कोरोनावायरस का शिकार :
इसके बाद चीन में 21 हजार के करीब लोग इस जानलेवा वायरस के शिकार हो गए हैं। दुखद बात यह है कि इन लोगों की सूची में खुद डॉक्टर ली का नाम भी शामिल है। उन्होंने न्यूज वेबसाइट सीएनएन से खुद इस बात की पुष्टि की। 10 जनवरी को वुहान अस्पताल में मरीज का इलाज करते वक्त उन्हें भी खांसी और बुखार हो गया। 12 जनवरी से वह अस्पताल में हैं और वर्तमान में आईसीयू में हैं। एक फरवरी को उनके कोरोनावायरस से ग्रसित होने की पुष्टि हो गई।