जानलेवा कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते आतंक से परेशान चीन ने स्कूलों और दफ्तरों में छुट्टियां और बढ़ा दी हैं। वुहान के मेयर ने प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद बताया कि चीन समेत कई देशों में इस वायरस की चपेट में तीन हजार से ज्यादा लोग हैं और अकेले चीन में अबतक कोरोना वायरस से 80 लोगों की जान जा चुकी है।
चीन के हुबेई में 76 लोगों की मौत हुई है, जबकी शांघाई में भी एक मौत की खबर है। चीन में 2744 लोगों के कोरोना वायरस से पीड़ित होने की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें बीजिंग की एक 9 महीने की बच्ची भी है।
दो दिन पहले इस वायरस की रोकथाम के लिए चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की राजनीतिक मामलों की स्थाई समिति की आपात बैठक बुलाई गई और पार्टी ने इसके लिए एक हाई लेवल कमेटी भी बना दी है। पार्टी महासचिव शी जिनपिंग की अध्यक्षता में हुई बैठक में वायरस से बचने, इलाज की ज़मीनी हकीकत और एहतियाती कदमों की जांच पड़ताल का काम इस कमेटी को सौंपा है।
इसके लिए कमेटी सबसे ज्यादा प्रभावित हुबेई प्रांत का दौरा करके राहत और ईलाज के कामकाज का जायजा लेगी। जिनपिंग ने बैठक में कहा कि लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है और जब भी कोई महामारी फैलती है, यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इसे कैसे रोकें। कम्युनिस्ट पार्टी और सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए आम लोगों को हर तरह की मदद का भरोसा दिलाया है।
जाहिर है चीन में वायरस के खतरे को लेकर जिस तरह के तात्कालिक कदम उठाए जा रहे हैं, उससे इसकी गंभीरता का पता चलता है। वुहान में 1000 मरीजों के इलाज के लिए बन रहा अस्पताल भी फरवरी के पहले हफ्ते से काम करना शुरू कर देगा। दूसरी तरफ चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी पीएलए भी अपने डॉक्टर्स की टीम के साथ इस गंभीर संकट के वक्त में हर तरह की मदद कर रही है।
चीन से बाहर के देशों में थाईलैंड और हांगकांग से कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा आठ-आठ लोगों में इससे संक्रमित होने की खबर आ रही है। अमेरिका, मकाऊ, ताइवान और ऑस्ट्रेलिया में भी पांच-पांच मरीज मिले हैं, सिंगापुर, जापान, दक्षिण कोरिया और मलेशिया में चार, फ्रांस में तीन, वियतनाम में दो और नेपाल में कोरोना का एक मामला पाया गया है। हालांकि अभी तक चीन से बाहर किसी देश में इस वायरस से एक भी मौत की खबर नहीं है।