दुनियाभर में दहशत का पर्याय बने कोरोना वायरस से जुर्म की दुनिया भी सहमी हुई है। वैश्विक अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारने वाले इस कोरोना वायरस का असर जरायम की दुनिया पर भी दिख रहा है। अपराध के लिए कुख्यात अमेरिका के शिकागो में लॉकडाउन के बाद पिछले साल के मुकाबले इस अवधि में दस फीसदी अपराध कम हुए हैं जबकि ड्रग्स सौदागरों की गिरफ्तारी में 42 फीसदी की कमी हुई है।
वहीं पेरू में अपराध के मामले 84 फीसदी कम हुए हैं, जो कि कई दशकों बाद दो अंकों में गिरावट हैं। अपराध देखने वाले वकीलों का कहना है कि नशे के सौदागरों के सामने अब केवल इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, आर्थिक मंदी दूर होने पर ही वे अपना काम कर पाएंगे। इसके अलावा युद्धक्षेत्र से इतर समूचे लैटिन अमेरिका के उन इलाकों में सबसे ज्यादा हिंसा होती है वहां भी लोगों की हत्या और डकैती के मामलों में गिरावट देखने को मिली है।
एल साल्वाडोर के स्थानीय लोगों का मानना है कि शायद अपराधियों को भी डर है कि कहीं बाहर निकले तो संक्रमण की चपेट में न आ जाए। पिछले महीने यहां हर दिन औसतन दो हत्याओं के मामले समाने आए जबकि कुछ साल पहले यहां ये आंकड़ा औसतन 600 हत्याएं प्रतिदिन था।
इसी तरह से लॉकडाउन के चलते दक्षिण अफ्रीका में भी अपराधों में भारी कमी देखी गई है। इस दौरान यहां 101 दुष्कर्म के मामले सामने आए जबकि पिछले साल यह 700 से थे, वहीं गंभीर हमलों के मामले 2,673 से गिरकर 456 और हत्या के मामले 326 के घटकर 94 हो गए।