सीनेटरों के एक समूह ने ट्रंप से कहा कि वह कोविड-19 को लेकर चीन द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कथित दुरुपयोग के संबंध में अंतरराष्ट्रीय जांच कराएं। साथ ही इस बीमारी के मूल स्रोत और संकट के संबंध में पारदर्शी एवं स्वतंत्र जांच करने के लिए अमेरिकी सहयोगियों के साथ मिलकर काम करें। पत्र में लिखा है हम आपसे कोविड-19 से निपटने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के नेतृत्व के लिए एक उच्चस्तरीय दूत को नियुक्त करने की भी अपील करते हैं।
चीन ने दी सफाई...जानकारी अधूरी थी कई जगह दोहराव
चीन सरकार ने आंकड़ों के गलत होने के चार कारण बताए हैं। पहला, कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों में मरीजों की बढ़ती संख्या मेडिकल क्षमता को प्रभावित किया और अस्पतालों के बजाय कुछ मरीजों ने घर पर ही दम तोड़ दिया। दूसरी, अस्पताल क्षमता से अधिक काम कर रहे थे और रोगियों को बचाने के चक्कर में भ्रामक रिपोर्टिंग हुई।
तीसरे, कई अस्पताल महामारी सूचना नेटवर्क के साथ सही से नहीं जुड़ पाए और सही डाटा नहीं भर पाए। चौथे, मृतकों में से कुछ की पंजीकृत जानकारी अधूरी थी और रिपोर्टिंग में दोहराव और गलतियां थीं।
कोरोना के कहर के बीच जिस देश से इस महामारी की शुरुआत हुई वहां 1970 के बाद आर्थिक स्तर पर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चीन की जीडीपी 1976 की विनाशकारी सांस्कृतिक क्रांति के बाद से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट के साथ 2020 की पहली तिमाही में 6.8 फीसदी दर्ज हुई है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने कहा, 2020 में जनवरी से मार्च के बीच चीन का सकल घरेलू उत्पाद 20,650 अरब युआन (लगभग 2910 अरब डॉलर) रहा, जो पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले 6.8 फीसदी गिरावट दर्शाता है। तिमाही के प्रारंभिक दो महीनों में 20.5 फीसदी की कमी आई।