भारतीय मूल के हार्ट सर्जन डॉ जितेंद्र राठौड़ (62), पाकिस्तान के हबीब जैदी (76) और सैयद हैदर (80), नाइजीरिया मूल के डॉक्टर अल्फा सआदु (68), श्रीलंका से आए डॉ. एंटन सेबेस्टिअन पिल्लई (70) और मिस्र मूल के मोहम्मद शमी शोउशा (79) समेत आठ डॉक्टरों ने जान गंवाई है।
एक तिहाई अप्रवासी डॉक्टरों ने संभाल रखा है हेल्थ सिस्टम
एक तिहाई अप्रवासी डॉक्टरों ने ब्रिटेन का हेल्थ सिस्टम संभाल रखा है। विदेशी डॉक्टरों को नियुक्ति देकर ब्रिटेन मोटे तौर पर 2.70 लाख डॉलर बचाता है, जो उसे अपने लोगों को प्रशिक्षण देने में खर्च हो सकता है। ब्रिटेन मेडिकल शिक्षा पर पर्याप्त पैसा खर्च नहीं करता। लिहाजा, उसे अप्रवासियों पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है।
ब्रिटेन सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण को काबू करने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के बीच भारत में फंसे 3,000 से अधिक ब्रिटिश नागरिकों को 12 अतिरिक्त चार्टर उड़ानों से वापस लाने की शुक्रवार को घोषणा की। इन अतिरिक्त उड़ानों का प्रबंध पंजाब, गुजरात, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत समेत कई हिस्सों से किया गया है। ब्रिटेन ने इसके लिए भारत के सहयोग की सराहना की है।