इटली में कोरोना संक्रमण ने अबतक 13 डॉक्टरों को अपना निशाना बना लिया है। डेलीमेल ने खबर दी है कि हाल ही में पांच डॉक्टरों ने एक ही दिन में दम तोड़ दिया। इसके अलावा देश के 2,629 चिकित्सा कर्मी भी इससे पीड़ित हैं। इटालियन नेशनल फेडरेशन ऑफ डॉक्टर्स गिल्ड के हवाले से कहा गया है कि देश के आठ फीसदी से अधिक मामले इन चिकित्साकर्मियों के ही हैं।
कोरोना के गहराते संकट को देखते हुए सरकार ने मार्च के बाकी बचे दिनों तक देश की नाकेबंदी को बढ़ा दिया है। मरने वाले डॉक्टरों में वह डॉक्टर भी शामिल है जिसने आशंका जाहिर की थी कि देश में कोरोना संक्रमण बढ़ा तो संकट गहरा सकता है। मार्सेलो नाताली नाम के इस चिकित्सक ने मिलान में कुछ समय पहले एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि देश में पर्याप्त मात्रा में दस्ताने नहीं हैं और देश इस आपदा का सामना करने के लिए तैयार नहीं है।
अर्जेंटीना पूरी तरह बंद रहेगा
अर्जेंटीना में सरकार ने राष्ट्रव्यापी बंदी के आदेश को लागू कर दिया है। दक्षिण अमेरिका में ऐसा करना वाला वह पहला देश है। अब लोग केवल जरूरी काम के लिए बाहर जा सकेंगे। राष्ट्रपति अल्बेर्तो फर्नांदेज ने यह एलान करते हुए कहा कि देश 31 मार्च तक नाकाबंदी में रहेगा और सरकार इसमें किसी तरह की छूट नहीं देगी। कोरोना की वजह से आए मुश्किल समय को देखते हुए, मुश्किल आदेश देना पड़ा है। पर यह लोकतंत्र के दायरे में ही होगा। उन्होंने बताया कि सरकार पहले ही सीमाएं, स्कूल और उड़ानें बंद कर चुकी है।
मलयेशिया में फौज उतारी जाएगी
मलयेशिया के सशस्त्र बलों को पुलिस की मदद करने के वास्ते सड़कों पर उतारा जाएगा। रक्षा सेनाओं के प्रमुख जनरल तेन सिरी अफेंडी बुनाग ने कहा कि सेना, नौसेना और वायुसेना एक कमेटी के तहत काम करेंगी। देश में सभी नागरिकों के बाहर जाने और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने पर पहले से ही रोक लगी हुई है।
यूके में 65 हजार रिटायर डॉक्टरों, नर्सों से काम पर लौटने की अपील
ब्रिटेन में गहराते संकट का सामना करने के लिए सरकार ने 65, 000 डॉक्टरों, नर्सों को खत लिख कर अनुरोध किया है कि वे इस कठिन घड़ी में काम पर वापस आ जाएं। इतना ही नहीं, मेडिकल और नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे अंतिम वर्ष के छात्रों को काम पर लगाने का फैसला किया गया है।