वायरस ने मुझे बुरी तरह तोड़कर रख दिया है। मैं पिछले करीब दो हफ्ते से बुखार से पीड़ित थी। बुखार और एंटीबायोटिक की हाईडोज से मैं अब ठीक तो होने लगी हूं लेकिन मेरा शरीर अलग-थलग पड़ गया है। मैं चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रही हूं क्योंकि वायरस ने मेरे शरीर को अपने शिकंजे में ले लिया है।
वायरस को लेकर आपकी एक गलती आपके साथ पूरे परिवार और दोस्तों पर भारी पड़ सकती है। एक झटके में सब खत्म हो जाएगा। आप सबसे बिछड़ जाएंगे। इससे बचना है तो आप सिर्फ घर में रहें। जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। क्या पता जानलेवा वायरस आपके बाहर निकलने का इंतजार कर रहा होगा।
वायरस ने मुझे अपने परिवार से अलग कर दिया। मैं अस्पताल के बेड पर हूं लेकिन हिल नहीं सकती क्योंकि मुझे सांस लेने में तकलीफ होती है। मैं अपनी हालत के लिए खुद से माफी मांग रही हूं क्योंकि मैं अपने घर और परिवार के लोगों को याद कर रो रही हूं। मैं पहले से अच्छा महसूस कर रही हूं। उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा। मैं वापस अपने घर जाऊंगी।