ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की तैयारी की जा रही है। ब्रिटेन सरकार 21 जून से पूरी तरह अनलॉक की तैयारी कर रही है। लेकिन इसी बीच संक्रमण के बढ़ते मामलों ने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने सरकार तीसरी लहर की चेतावनी दी है और अनलॉक की योजना को फिलहाल टाल देने की अपील की है।
इन स्थितियों को देखते हुए विशेषज्ञों ने सरकार को देश में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर आगाह किया है। इसके साथ ही उन्होंने अपील की है कि देश को पूरी तरह से अनलॉक करने की योजना को फिलहाल तीन से चार सप्ताह के लिए टाल दिया जाए। ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन ने कहा है कि नए वायरस से अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या और मौतें बढ़ सकती हैं।
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में भारतीय मूल के वैज्ञानिक रवि गुप्ता ने कहा कि देश में अभी संक्रमण दर कम है लेकिन भारत में पहली बार सामने आए बी1.617.2 स्वरूप के मामलों में हाल के दिनों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इस स्वरूप को ‘डेल्टा’ नाम दिया गया है। उन्होंने सलाह दी कि 21 जून को लॉकडाउन हटाने की योजना को अभी कुछ और हफ्तों के लिए टाल दिया जाना चाहिए।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार गुप्ता ने कहा कि हम टीकाकरण के उस स्तर तक पहुंचने से बहुत दूर नहीं हैं जो हमें वायरस को रोकने में मदद करेगा। प्रोफेसर गुप्ता ने चेताया कि देश तीसरी लहर के शुरुआती चरण में हो सकता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले कम हैं लेकिन सभी लहरों की शुरुआत कम मामलों से होती है लेकिन बाद में स्थिति विस्फोटक हो जाती है।
कोविड-26, कोविड-32 के लिए तैयार रहें
चीनी प्रयोगशाला से कोरोना वायरस फैलने की खुफिया रिपोर्ट के बीच अमेरिकी अधिकारियों ने बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर हमने कोरोना की उत्पत्ति का पूरी तरह पता नहीं लगाया तो दुनिया को भविष्य में कोविड-26 और कोविड-32 जैसी महामारी के लिए तैयार रहना होगा। वायरस उत्पत्ति की जांच के लिए ज्यादा पारदर्शिता दिखाने का दवाब बनाना होगा।
दरअसल, चीन के वुहान सीफूड मार्केट में वायरस मिलने के करीब डेढ़ साल बाद भी इसकी सही उत्पत्ति का पता नहीं चला है। टेक्सस के चिल्ड्रंस हॉस्पिटल सेंटर फॉर डेवलपमेंट के सहनिदेशक और बेयलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन के पीटर होट्ज ने कहा, हमें कोरोना की उत्पत्ति को ठीक से समझना जरूरी है। इसका जवाब पाने के लिए दुनिया को नई खोजबीन करनी होगी।