अगर बिस्तर पर लेटते ही इन दिनों आपके दिमाग में खलबली मचने लगती है और ठीक ढंग से नींद नहीं आती तो ऐसा महसूस करने वाले आप अकेले नहीं हैं। महामारी काल में दुनियाभर में तनाव और घबराहट ने बड़ी तादाद में लोगों की नींद गायब कर दी है। जानकारों का मानना है, इस वक्त हम 'कोरोनासोम्निया' से गुजर रहे हैं , जिसमें हमारी नींद लगातार बिगड़ती जा रही है।
फेंक दें तमाम चिंताएं
अगर आप ज्यादा चिंतामग्न रहते हैं तो सोने से पहले एक कागज-कलम लेकर बैठें। अगली सुबह आप क्या करने वाले हैं , किससे बातचीत करेंगे, कहां-कहां जाएंगे या कौनसी बात आपको सता रही है। यह सब लिखकर थोड़ी देर बाद उस कागज को मोड़कर फेंक दें। स्लीप मेडिसिन डॉक्टर इलीन एम रोसेन का कहना है, इससे आपको उन चिंताओं से मुक्ति में मदद मिलेगी।
शयनकक्ष में स्क्रीन न देखें
सुबह सूर्य की रोशनी देखें
जागने के बाद सूर्य के किरणों के संपर्क में आने के कई लाभ हैं। बड़ा फायदा यह है कि इससे नींद सुधारने वाला हार्मोन मेलाटोनिन का स्राव रुक जाता है। कोशिश करें कि हर सुबह 15 मिनट सूर्य की रोशनी में बिताएं।
बिस्तर सिर्फ सोने के लिए हो
महामारीकाल में वर्क फ्रॉम होम के कारण लोगों ने बेड को भी कामकाज की जगह बना लिया है दिनभर वहां कंप्यूटर, डायरी या किताबों का जमावड़ा रहने लगा है। इससे रात में उसी बिस्तर पर सोने पर वह मानसिक सुकून नहीं देता।