अमेरिका में हुए एक शोध के मुताबिक टीका लगने के बाद संक्रमण की चपेट में आने वाले लोगों में वायरल लोड कम होता है। उनकी हालत गंभीर नहीं होती और उनमें लक्षण भी मध्यम या हल्के रहते हैं।
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एरिजोना विश्वविद्यालय में एमआरएनए प्रिवेंटिव्स के शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोना के टीके संक्रमण रोकने में काफी हद तक कारगर हैं लेकिन कोई भी टीका 100 फीसदी सुरक्षा नहीं प्रदान करता। टीका लगने के बाद भी लोग संक्रमित हो रहे हैं लेकिन इनकी हालत गंभीर नहीं होती।
एरिजोना विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य विज्ञान के प्रोफेसर जेफ बर्जेस कहते हैं कि टीके आपको 90 फीसदी तक सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। न्यू इंगलैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में 30 जून को छपे इस शोध में 3975 स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को शामिल किया गया। इनमें दोनों टीका लगवाने वाले पांच और एक खुराक लेने वाले 11 लोगों में संक्रमण मिला।
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इसके अलावा 156 वे लोग भी संक्रमित मिले जिन्हें टीके की एक भी खुराक नहीं लगी थी। शोध में पाया गया कि फाइजर और मॉडर्ना का टीका लगवाने वालों में वायरल लोड सामान्य से 40 फीसदी कम रहा।