छुट्टियां शुरू होने के दो हफ्तों बाद दो क्रूज जहाजों, जिसमें से एक आर्कटिक और दूसरा प्रशांत महासागर में था, उसमें कोरोना वायरस के मरीजों की जानकारी मिली है। एम एस रोआल्ड अमुंडसेन पर यात्रियों और कर्मचारियों समेत 40 लोगों का कोरोना पॉजिटिव आया है। साथ ही आर्कटिक की यात्राओं पर आए सैकड़ों लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
शुक्रवार को एम एस रोआल्ड अमुंडसेन के चार कर्मचारियों को सांस संबंधी परेशानी होने के बाद ट्रोम्सो के नार्वेजियन पोर्ट पर अस्पताल में भर्ती किया था। 158 कर्मचारियों का टेस्ट कराया था जिनमें 32 का टेस्ट पॉजिटिव आया था लेकिन ट्रोम्सो में 178 यात्रियों को जहाज से उतरने की अनुमित दे दी गई।
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक 17 जुलाई से इन दोनों जहाजों की यात्रा शुरू हुई थी और कुल 387 यात्रियों में से चार यात्री ऐसे थे जो पहले से वायरस से संक्रमित थे। नार्वे के पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट और ट्रोम्सो नगर पालिका ने इसको लेकर जानकारी दी।
पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ कार्यकारी अध्यक्ष लाइन वोल्ड का कहना है कि कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है, यात्रियों को खुद को आइसोलेट करने के लिए कह दिया गया है। एम एस रोआल्ड अमुंडसेन का मालिक दी हर्टीग्रुटेन लाइन और दूसरे 15 जहाज पहला ऐसा जहाज था जो जून के बीच में समुद्र से लौटकर आया था।
पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट के प्रवक्ता ने कहा कि सभी यात्रियों को संदेश भेजा जा चुका है। अब यात्रियों की ओर से जो सूचना मिली है, उसकी पुष्टि की जा रही है। मार्च में रोआल्ड अमुंडसेन कई दिनों के लिए समुद्र में फंस गया था और उस समय में जहाज में 100 से ज्यादा लोग थे। चिले में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज मिलने के बाद उसने अपने बंदरगाह पर इस जहाज को रोकने की अनुमित नहीं दी थी।
प्रशांत महासागर वाले जहाज में यात्री पॉल गौगुइन में चढ़े। कोरोना वायरस के संक्रमण के बारे में पता चलने के बाद जहाज के डॉक्टर ने यात्रियों को अपने केबिन में ही रहने को कहा। जहाज पर कितने यात्री हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं है लेकिन कोरोना वायरस की गाइडलाइंस की वजह से यात्रियों की संख्या को कम किया हुआ है और हर यात्री की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
पॉल गौगुइन जहाज ने 18 जुलाई से स्थानीय लोगों के लिए संचालन करना शुरू कर दिया था और 29 जुलाई से अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए संचालन शुरू हो गया था। फ्रेंच पॉलीनेशिया ने 15 जुलाई से सभी यात्रियों के लिए अपने सीमा को खोल दिया है।
फ्रेंच पॉलीनेशिया जाने वाले यात्रियों के पास कोविड-19 नेगेटिव टेस्ट का प्रमाण पत्र जरूर होना चाहिए। इसके अलावा यात्री के जहाज से उतरने के बाद भी एक कोरोना का टेस्ट करना जरूरी है।