कोरोना से जूझ रहे देश नागरिकों की मदद का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। अमेरिका-भारत सहित 50 से अधिक देश संकट में खाली बैठे कामगारों को तत्काल मदद को राशि सीधे उनके खातों में डाल रहे हैं। राहतों के इस डिजिटल ट्रांसफर में दुनियाभर में मुश्किलें आ रही हैं, लेकिन भारत की स्थिति बेहतर है।
वॉशिंगटन स्थित सेंटर फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट के नीति शोधकर्ता अनीत मुखर्जी ने कहा, गरीबों परिवारों को पेंशन-सब्सिडी जैसी राहतों के डिजिटल भुगतान में भारत अग्रणी है। दुनियाभर की सरकारों ने जब राशि जारी की, तो बड़ी चुनौती डिजिटल भुगतान की आई। 99 विकासशील देशों में 56% नागरिकों के पास ही फोन, बैंक खाते, आईडी हैं। भारत इस मामले मेें काफी आगे है।
भारत में पहले से तैयारी, सेंटर फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट की रिपोर्ट
डिजिटल भुगतान को लेकर भारत की पूर्व की तैयारियों का सबसे बड़ा फायदा मौजूदा संकट में दिख रहा है। आधार जैसी आईडी से जरूरतमंद की पहचान हुई। जनधन खातों के जरिये उन तक राशि पहुंचाई और इसकी सूचना के लिए मोबाइल की बेहतर पहुंच भी काम आई, जो इनके खातों से जुड़ी थी।