कोरोना महामारी को नियंत्रित रखने की चीन की साख में इस बार गहरा सूरख हो गया है। ताजा कोविड-19 रिकवरी इंडेक्स में चीन का दर्जा 30 पायदान गिर गया है। जीरो कोविड नीति के बावजूद चीन हाल में इस महामारी के संक्रमण को रोक नहीं पाया। फिलहाल देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर शंघाई में लॉकडाउन लगा हुआ है।
कोविड-19 रिकरवरी इंडेक्स में अब चीन 32वें नंबर पर है। इस इंडेक्स को तैयार करने की शुरुआत पिछले साल जुलाई में हुई थी। तब से अब तक चीन का दर्जा हमेशा टॉप 10 में रहा। लेकिन अब इसमें भारी गिरावट आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले के तमाम वैरिएंट्स और स्ट्रेन्स को चीन ने बखूबी संभाला। लेकिन ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण रोकने में वह नाकाम रहा।
साल की शुरुआत से रैंकिंग में आ रही थी गिरावट
कोविड-19 रिकवरी इंडेक्स देशों के संक्रमण प्रबंधन, टीकाकरण की स्थिति, और महामारी के दौर में सामाजिक गतिशीलता की सूरत को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाता है। इसमें ऊंचे पायदान पर रहने का मतलब यह होता है कि संबंधित देश संक्रमण को काबू में रखने में सफल है। वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस इंडेक्स पर चीन के गिरने की शुरुआत इस साल आरंभ से हो गई थी। मार्च में वह 11 पायदान नीचे उतरा। इसकी वजह पूरे महीने देश के अलग-अलग हिस्सों में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी रही।
देश का 87 प्रतिशत संक्रमण शंघाई में
संक्रमण की सबसे खराब हालत फिलहाल शंघाई में है। वहां घर- घर जाकर लोगों की कोविड जांच की गई है। इसके बावजूद नए मामलों में बढ़ोतरी होती गई है। गुरुवार को 21 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए। इस समय चीन में कोरोना संक्रमित कुल मरीजों में से 87 प्रतिशत सिर्फ शंघाई में है। हालांकि इनमें से एसिमटोमैटिक (जिनमें कोई लक्षण नहीं दिखता) मामलों की संख्या काफी है।
चरमरा सकती है स्वास्थ्य व्यवस्था
कोरोना महामारी की ताजा लहर का चीन की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर हो रहा है। शंघाई को चीन की वित्तीय राजधानी कहा जाता है। वहां सारे कामकाज ठप हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के पश्चिम प्रशांत क्षेत्र के निदेशक तकाशी कसई ने इस हफ्ते एक वीडियो न्यूज कांफ्रेंस में कहा कि बड़ी आबादी वाला देश होने के कारण चीन में आबादी के कम हिस्से के संक्रमित होने के बावजूद देश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा सकती है।
टीकाकरण में 12वें नंबर पर चीन
ताजा इंडेक्स में टीकाकरण के लिहाज से चीन 12वें नंबर पर आया है। चीन में टीकाकरण की दर ऊंची रही है, लेकिन कुछ इलाकों में यह कम है। साथ ही कुछ उम्र वर्ग के लोगों के बीच कम टीकाकरण हुआ है। मसलन, 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले लोगों में सिर्फ 50 फीसदी को ही टीका लग पाया है। विशेषज्ञों के मुताबिक टीकाकरण की असमान स्थिति चीन के लिए अब एक बड़ी चुनौती बन गई है।
ताजा इंडेक्स में हांगकांग की स्थिति भी गिरी है। वह 109वें से फिसल कर 114वें स्थान पर चला गया है। दक्षिण-पूर्व एशिया में जिन देशों की स्थिति में गिरावट आई है, उनमें थाईलैंड भी है। अब वह 28 पायदान फिसल कर 113वें नंबर पर पहुंच गया है। जबकि कंबोडिया दूसरे और ताइवान पांचवें नंबर पर है।