नेपाल सरकार के संघीय मामलों के मंत्रालय व सामान्य प्रशासन और भारतीय दूतावास के बीच तीन उच्च प्रभाव वाली विकास योजनाएं शुरू करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर दस्तखत किए गए। भारत सरकार की अनुदान सहायता के तहत नेपाल में शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल क्षेत्र में यह समझौते किए गए हैं। करीबी पड़ोसियों के रूप में भारत और नेपाल व्यापक और बहु-क्षेत्रीय आपसी सहयोग साझा करते हैं।
तीन परियोजनाओं में उदयपुर जिले में श्री जनता बेलाका सेकेंडरी स्कूल भवन का निर्माण, सोलुखुम्बु जिले में नोंगा थेनचौक छोलिंग ध्यान केंद्र का निर्माण, और धाडिंग जिले में लिस्नेखोला टिकासुंग डंगचेत झारलांग जलापूर्ति परियोजना का निर्माण शामिल है। परियोजनाओं की अनुमानित लागत 10.17 करोड़ नेपाली रुपये (लगभग 6.31 करोड़ भारतीय रुपये) आंकी गई है।
नेपाल में भारत के दूतावास ने कहा कि इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन से लोगों के उत्थान में नेपाल सरकार के प्रयासों को मजबूत करने में भारत सरकार के समर्थन का पता चलता है। इन परियोजनाओं के निर्माण से स्थानीय समुदाय के लिए बेहतर शिक्षा सुविधाएं, बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं और सुरक्षित पेयजल सुविधाएं उपलब्ध होंगी और लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।
भारत ने वर्ष 2003 से नेपाल में 532 से अधिक उच्च प्रभाव विकास परियोजनाओं को अपने हाथ में लिया है और नेपाल के सभी सात प्रांतों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कनेक्टिविटी, स्वच्छता और अन्य सार्वजनिक उपयोगिताओं के निर्माण के क्षेत्रों में 476 परियोजनाओं को पूरा किया है।