फ्रांस ने रूस को शैंपेन निर्यात रोकने की बात कही है क्योंकि नए रूसी कानून के कारण फ्रांसीसी शैंपेन बनाने वाले नाराज हैं। इसे लेकर दोनों देशों की सरकारों में भी विवाद खड़ा हो गया है। इसके बाद मशहूर वाइन निर्माता ‘मोएट-हेनेसी’ ने कहा कि वह रूस को अपनी शैंपेन भेजना बंद कर रहा है।
रूस चाहता है कि विदेशी शैंपेन को स्पार्कलिंग वाइन के नाम से बेचा जाए और रूस में बनने वाली शंपान्स्कोव को ही शैंपेन का दर्जा दिया जाए। इस बारे में रूसी राष्ट्रपति व्हादिमीर पुतिन ने शुक्रवार हो ही एक कानून पर भी दस्तखत कर दिए हैं। दरअसल, शराब के अधिकतर शौकीनों की मानें तो बुलबुलों वाली वाइन को ‘शैंपेन’ तभी कहा जा सकता है, जब वह फ्रांस के उसी नाम वाले क्षेत्र से हो और कुछ तय नियमों का पालन करते हुए बनाई गई हो। हालांकि एक नया रूसी कानून इसके उलट दावा करते हुए कहता है कि इस शब्द का उपयोग केवल रूसी वाइन के लिए किया जा सकता है।
यूरोपीय साझेदारों के संपर्क में है फ्रांस
फ्रांस के व्यापार मंत्री फ्रांक रिएस्टेर ने कहा कि वह रूसी कानून पर नजर रख रहे हैं और वाइन उद्योग तथा फ्रांस के यूरोपीय साझीदारों के संपर्क में हैं। ट्विटर पर उन्होंने लिखा, बेशक हम अपने उत्पादकों और फ्रांसीसी उत्कृष्टता की मदद करेंगे। इसके बाद कंपनी के शेयरों में 0.2 फीसदी की कमी देखी गई।