कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) की एक सैन्य अदालत ने देश के पूर्व राष्ट्रपति जोसेफ कबीला को युद्ध अपराध, देशद्रोह और मानवता के खिलाफ अपराध के आरोपों में मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें लगभग 50 अरब डॉलर (करीब 4 लाख करोड़ रुपये) का जुर्माना भी लगाया है, जो पीड़ितों और राज्य को दिया जाएगा। कबीला पर आरोप है कि उन्होंने रवांडा समर्थित एम23 विद्रोहियों को देश के पूर्वी प्रांतों में हिंसा फैलाने में मदद की। ये इलाका लंबे समय से अशांत रहा है और वहां हजारों लोग मारे गए हैं और लाखों बेघर हुए हैं।
मामले में अदालत ने क्या कहा?
कोर्ट के फैसले के बाद सरकार ने कबीला की पार्टी को निलंबित कर दिया है और उसके नेताओं की संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह फैसला देश में और ज्यादा राजनीतिक तनाव बढ़ा सकता है। वहीं मामले में सैन्य ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल जोसेफ मुतोम्बो कतालायी ने कहा कि सैन्य दंड संहिता की धारा 7 के तहत, अदालत ने सबसे कठोर सजा मौत की सजा सुनाई है।
कबीला पर हत्या, दुष्कर्म, यातना, और विद्रोह भड़काने जैसे गंभीर आरोप साबित हुए। बता दें कि कोर्ट के फैसले के दौरान जोसेफ कबीला न तो अदालत में मौजूद थे न ही उनका कोई वकील वहां था। उनकी मौजूदा स्थिति और ठिकाने की जानकारी नहीं है, हालांकि कहा जा रहा है कि वे 2023 से दक्षिण अफ्रीका में रह रहे हैं।
डीआरसी पर 20 साल तक कबीला का रहा शासन
जोसेफ कबीला ने 2001 से 2019 तक करीब 20 साल डीआरसी पर राज किया। उनके सत्ता छोड़ने के बाद देश में भारी विरोध और हिंसा हुई। उन्होंने मौजूदा राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकेदी के साथ एक साझा सरकार बनाई थी, लेकिन बाद में दोनों के बीच संबंध खराब हो गए।
कांगो में अब कैसे है हालात
गौरतलब है कि देशभर में जारी अशांति के कारण विद्रोही संगठन एम23 ने देश के उत्तर किवू और दक्षिण किवू क्षेत्रों पर नियंत्रण कर लिया है। लड़ाई में हजारों लोग मारे गए हैं और लाखों विस्थापित हो चुके हैं। अमेरिका की मध्यस्थता में जून 2025 में एक शांति समझौता हुआ था, लेकिन दोनों पक्ष अब भी एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं।