अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक और संघर्ष विराम कराने जा रहे हैं। दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अफ्रीकी देश कांगो और रवांडा के राष्ट्रपति अमेरिका में 4 दिसंबर को मिलेंगे और शांति समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। दोनों देशों के बीच संघर्ष रुकवाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रशासन द्वारा कई महीनों से बातचीत की जा रही थी। कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स शीसेकेडी ने बताया कि कांगो किसी भी शांति समझौते पर तभी हस्ताक्षर करेगा, जब इस बात की गारंटी मिले की रवांडा की सरकार एम23 विद्रोही संगठन को कोई समर्थन नहीं देगी।
पूर्वी कांगो में छिड़ा है संघर्ष
कांगो के राष्ट्रपति ने 4 दिसंबर को रवांडा के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने की पुष्टि की है। वहीं रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागामे ने भी इसकी उम्मीद जताई। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि पूर्वी कांगो में शांति तभी संभव है, जब विवाद से सीधे तौर पर जुड़े लोग शांति के पक्ष में हों। पूर्वी कांगो में बीते कई महीनों से संघर्ष छिड़ा हुआ है। यह संघर्ष कांगो सरकार की सेना और 100 से ज्यादा विद्रोही संगठनों के बीच हो रहा है। इस विद्रोही संगठनों में सबसे ताकतवर एम23 समूह है, जिसे रवांडा की सरकार का समर्थन हासिल है। इस साल संघर्ष उस समय तेज हो गया, जब एम23 ने कांगो के दो बड़े शहरों गोमा और बुकावु पर कब्जा कर लिया।
रवांडा के सैनिक विद्रोही संगठन के साथ मिलकर पूर्वी कांगो में लड़ रहे
संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों का दावा है कि रवांडा की सेना के 3000-4000 जवान पूर्वा कांगो में मौजूद हैं और एम23 समूह के साथ मिलकर लड़ रहे हैं। हालांकि रवांडा ने इन दावों को खारिज कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि यह संघर्ष पूर्वी कांगो की खनिज संपदा और कथित तौर पर अपने-अपने इलाकों की रक्षा के लिए है। इससे पहले जून में भी कांगो और रवांडा के विदेश मंत्रियों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसमें रवांडा के सैनिकों की पूर्वी कांगो से वापसी की बात पर सहमति बनी थी।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि वे आठ युद्ध रुकवा चुके हैं। इस सूची में कंबोडिया और थाईलैंड, सर्बिया, इस्राइल और ईरान, मिस्त्र और इथयोपिया, आर्मेनिया और अजरबैजान जैसे देशों का संघर्ष शामिल है। ट्रंप भारत और पाकिस्तान का संघर्ष रुकवाने का भी दावा करते हैं, लेकिन भारत ने ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया है। बीते दिनों उन्होंने कहा कि आठ में से पांच युद्ध तो उन्होंने टैरिफ की धमकी देकर रुकवाए।