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Manmohan Singh: 'दोनों देशों के संबंधों को नई...', मनमोहन सिंह के निधन पर अमेरिकी पूर्व विदेश मंत्री राइस

Sat, 28 Dec 2024 08:37 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर अमेरिका के नेताओं ने शोक व्यक्त किया और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान को याद किया। भारत में आर्थिक सुधारों के जनक सिंह का गुरुवार रात निधन हो गया था। 
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Condoleezza Rice - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर अमेरिका, कनाडा समेत दुनियाभर के नेताओं ने शोक व्यक्त किया और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान को याद किया। भारत में आर्थिक सुधारों के जनक मनमोहन सिंह (92) का गुरुवार रात अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया था। उनके परिवार में पत्नी गुरशरण कौर और तीन बेटियां हैं। अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस ने कहा कि मनमोहन सिंह ने अमेरिका-भारत संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने में मदद की।

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राइस ने दी श्रद्धांजलि
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, 'भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बारे में जानकर बहुत दुखी हूं, जो एक महान व्यक्ति और महान नेता थे। इन्होंने 2008 के ऐतिहासिक अमेरिका-भारत असैन्य परमाणु समझौते के जरिए अमेरिका-भारत संबंधों को बुनियादी तौर पर नई ऊंचाई पर ले जाने में मदद की।'

उन्होंने आगे कहा, 'डॉ. सिंह ने अपने राजनीतिक भविष्य को दांव पर लगाते हुए और फिर अपनी सरकार को नए सिरे से बनाते हुए उस समझौते को हासिल करने के लिए आवश्यक समर्थन प्राप्त किया, जो अंततः क्षेत्रीय भू-राजनीति की दिशा को बदल देगा और इसके दशकों तक दूरगामी प्रभाव होंगे। मैं इस बड़े नुकसान के लिए भारत के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं - उनकी आत्मा को शांति मिले।'
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कौन हैं अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री कोंडोलीजा?
70 साल की राइस 2005 से 2009 तक विदेश मंत्री रहीं और उससे पहले 2001 से 2005 तक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहीं। ये दोनों ही कार्यकाल तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में थे। उन आठ वर्षों को भारत-अमेरिका संबंधों को बदलने वाले वर्षों के रूप में देखा जाता है, खास तौर पर ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते के रूप में, जिसकी शुरुआत मनमोहन सिंह और बुश ने मिलकर की थी।

इन लोगों ने भी पूर्व पीएम को किया याद
भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने मनमोहन सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल भारत की अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाया, बल्कि भारत और अमेरिका के रिश्तों को भी मजबूत किया।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की पहली उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ ने भी कहा कि मनमोहन सिंह के 1991 के बजट ने भारत की अर्थव्यवस्था को नए अवसर दिए, जिससे लाखों भारतीयों की जिंदगी में सुधार आया।

कनाडाई प्रधानमंत्री ने कही ये बात
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि सिंह का निधन भारत और दुनिया के लिए क्षति है। उन्होंने कहा, 'सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले नेताओं में से एक के रूप में उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को बदल दिया, लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला और कनाडा सहित दुनिया के साथ मजबूत संबंध बनाए।'

यूएसए इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स ने सिंह को बताया नवाचार के प्रबल समर्थक
यूएसए इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स, जो बोस्टन में वार्षिक भारत-अमेरिका स्वास्थ्य देखभाल शिखर सम्मेलन आयोजित करता है, ने कहा कि उसे 2007 में अपनी पहली ऐसी बैठक से पहले सिंह का एक पत्र मिला था, जिसमें कहा गया था कि पूर्व प्रधानमंत्री जैव-फार्मास्युटिकल क्षेत्र में वैश्विक साझेदारी और नवाचार के प्रबल समर्थक थे।

चैंबर के अध्यक्ष करुण ऋषि ने कहा, 'मनमोहन सिंह ने भारत-अमेरिका रिश्तों को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाया और वह इस साझेदारी के सबसे बड़े समर्थक थे।'

मनमोहन सिंह का निधन आधुनिक भारतीय इतिहास का अहम अध्याय
पाल हैस्टिंग्स लॉ फर्म के रोनक डी देसाई ने कहा कि मनमोहन सिंह का निधन केवल एक महान जीवन का अंत नहीं है, बल्कि यह आधुनिक भारतीय इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन है।
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