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एआई की सहायता से ढाई मिनट से भी कम समय में हो सकेगी जटिल ब्रेन ट्यूमर की पहचान

Wed, 08 Jan 2020 05:06 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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सांकेतिक तस्वीर
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ब्रेस्ट कैंसर के बाद अब ब्रेन ट्यूमर की पहचान भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से होगी। पहले पैथोलॉजिस्ट को लैब में इसकी पहचान करने में 30 से 45 मिनट का समय लगता था लेकिन अब एआई से इसकी पहचान ढ़ाई मिनट से भी कम समय में हो सकेगी।

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अमेरिका के न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन और लैनगोन अस्पताल के वैज्ञानिकों का ये शोध हाल ही नेचर मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है। प्रमुख शोधकर्ता और न्यूरोसर्जन डॉ. डेनियल ओरिंगर कहते हैं कि एक सर्जन एमआरआई या सीटी स्कैन में बहुत सीमित चीजें देख सकता है।
 
कुछ ब्रेन ट्यूमर इतने जटिल होते हैं जिनकी पहचान बहुत मुश्किल होती है। एआई से ऐसे ट्यूमर को कम समय में पहचाना जा सकता है। वैज्ञानिकों को इस प्रक्रिया में लेजर लाइट का प्रयोग किया जो मस्तिष्क में ट्यूमर के चलते बिखर गई जिससे उस कैंसर की पहचान हो सकी।
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वैज्ञानिकों का दावा है कि ऑपरेशन के दौरान जो चीजें नहीं दिखती हैं उसे भी इस तकनीक से आसानी से देखा जा सकता है। ऑपरेशन की सटीकता बढ़ेगी और कुछ गलत होेने का खतरा भी कम रहेगा।

सुरक्षित ऑपरेशन और सबसे बेहतर

डॉ. ऑरिंगर द्वारा तैयार की गई एआई युक्त इमेजिंग टेकभनोलॉजी को स्टीम्युलेटेड रमन हिस्टोलॉजी (एसआरएच) नाम दिया है। इसकी विशेषता ये है कि पैथोलॉजी में जिस ट्यूमर उत्तकों की पहचान नहीं हो सकती है उसकी पहचान आासानी से हो सकेगी। भविष्य में इस तकनीक से कैंसर का ऑपरेशन सुरक्षित होगा और पहले की तुलना में ऑपरेशन के बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।

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अलग-अलग तरह के ट्यूमर पर शोध

वैज्ञानिकों ने 415 मरीजों के करीब 25 लाख सैंपल को कंप्यूटर न्यूरॉल नेटवर्क के हिसाब से तैयार किया और उसे 13 श्रेणियों में बांट दिया। इसमें मैलिंगनेंट ग्लियोमा, लिंफोमा, मेटास्टिक ट्यूमर और मेनिनजियोमा ट्यूमर शामिल थे।

इसके अलावा 278 रोगी जिनकी तीन अलग-अलग अस्पतालों में ब्रेन सर्जरी होनी थी उनके सैंपल को पैथोलॉजी लैब में भेज दिया तो कुछ को ऑपरेशन के दौरान प्रयोग के तौर पर होने वाली एआई जांच के लिए भेज दिया।

इसमें पाया गया कि अगर पैथोलॉजिस्ट सैंपल की जांच के दौरान एआई का प्रयोग करें तो उनको ब्रेन ट्यूमर की पहचान करने में समय भी कम लगेगा और इलाज भी सरल होगा।

इन लक्षणों को समय रहते पहचानें

  •  सिर में दर्द रहना, झटके आना
  •  बोलने में तकलीफ शुरू होना
  •  चलने-फिरने में दिक्कत होना
  •  अचानक से दिखाई देने में दिक्कत
  •  लड़खड़ाना, संतुलन न बन पाना
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