पाकिस्तान में धार्मिक आजादी को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय संस्था ने भी इस मामले में इमरान खान सरकार को फटकार लगाई थी। हालांकि इससे कुछ अधिक बदलाव होता दिख नहीं रहा है। मौजूदा वक्त में इस्लामाबाद में बनने वाले हिंदू मंदिर को लेकर हंगामा मचा हुआ है। इमरान की सरकार द्वारा मंदिर निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद इसपर वहां की प्रशासन ने रोक लगा दी।
फिलहाल इस मामले को लेकर अब इमरान की पार्टी के नेता ही कट्टरपंथी रूख अपनाए हुए हैं। पाक के पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेता कमर रियाज ने पूर्व केंद्रीय मंत्री ख्वाजा आसिफ के खिलाफ ईश निंदा की शिकायत की है।
दरअसल, आसिफ ने कुछ दिनों पहले संसद में अपने भाषण में कहा था कि कोई धर्म किसी दूसरे धर्म से बेहतर नहीं है। सभी धर्म बराबर हैं। इस्लामाबाद में मंदिर बनने का विरोध करने वाले वही लोग हैं, जो देश के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना को भी काफिरे आजम कहते हैं। अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना इस्लामिक परंपरा है।
शिकायतकर्ता रियाज ने इस मामले में नोरवाल जिले के जफरवाल थाने में शिकायत करते हुए कहा कि पूर्व मंत्री आसिफ ने अपने भाषण में सभी धर्मों को संविधान के तहत बराबर बताया है। यह ईशनिंदा का मामला है और शरिया कानून के खिलाफ है। इससे मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
हालांकि, जफरवाल थाने के एसएचओ फरयाद अली ने कहा कि घटना इस्लामाबाद में हुई है। यह उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता है। उन्होंने शिकायत दर्ज नहीं की है। शिकायत के बारे में इस्लामाबाद पुलिस को सूचना दी गई है। उधर, शिकायतकर्ता ने कहा कि पुलिस मामला दर्ज नहीं करेगी, तो वे अदालत जाएंगे।