वियतनाम की कम्युनिस्ट सरकार ने हाल ही में प्राइवेट रिटायरमेंट फंड की शुरुआत की है। विश्लेषक इसे पूंजीवाद को अपनाने की तरफ वियतनाम का एक और कदम मान रहे हैं। माना जा रहा है कि वियतनाम में अब तक जो पेंशन सिस्टम रहा है, नए फंड का असर उस पर भी पड़ेगा। 2021 ऐसा पहला वर्ष था, जब नए कर्मचारियों ने प्राइवेट रिटायरमेंट खाते में पैसा जमा कराना शुरू किया था।
मुश्किल में सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
अब तक वियतनाम में पेंशन सरकार देती रही है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कुछ समय पहले इस व्यवस्था की तारीफ की थी। लेकिन जानकारों का कहना है कि देश में सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं मुश्किल में हैं। लंबे समय तक पेंशन देने के लिए धन कहां से लाया जाए, यह सरकार के सामने मुख्य चुनौती बनी रही है। कोरोना वायरस महामारी के दौरान बहुत से कर्मचारियों ने अपने पेंशन फंड में जमा रकम को निकाल लिया। उससे समस्या और बढ़ गई।
वियतनाम में संयुक्त परिवारों का चलन भी टूटा है। इस कारण अधिक से अधिक लोग पेंशन पर निर्भर हो गए हैं। इस तरह अभी कमा रहे लोगों से मिलने वाले के टैक्स का बड़ा हिस्सा उन लोगों को पेंशन देने पर खर्च हो रहा है। पेंशन योजना चलाने वाली कंपनी ड्रैगन कैपिटल के चेयरमैन डोमिनिक स्क्रीवन ने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से कहा- ‘वियतनाम में हाल यह है कि नौजवान कर्मचारियों को अपने भविष्य की कीमत पर पेंशनधारियों का बोझ उठाना पड़ रहा है। यह भावी पीढ़ियों के साथ अन्याय है।’
वियतनाम में लागू किए गए नए सिस्टम के मुताबिक मालिक कंपनी और कर्मचारी दोनों प्राइवेट फंड में पैसा जमा कराएंगे। उस धन का निवेश शेयर बाजार और सरकारी बॉन्ड्स में किया जाएगा। जानकारों का कहना है कि इस रूप में शेयर बाजार में आऩे वाले उतार-चढ़ाव का असर पेंशन फंड पर पड़ सकता है।
एक दशक पहले शुरू हुआ था बदलाव
पर्यवेक्षकों का कहना है कि वियतनाम में पेंशन सिस्टम में बदलाव की शुरुआत लगभग एक दशक पहले की गई थी, जो अब अपने नए मुकाम पर पहुंच रहा है। तब कर्मचारियों को सरकारी पेंशन कोष में अनिवार्य से अधिक रकम जमा कराने की छूट दी गई थी। लेकिन ये पहल ज्यादा कामयाब नहीं हुई। इस योजना का लाभ कम ही लोगों ने उठाया। बीते दिसंबर में सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सरकारी एजेंसी ने स्वीकार किया कि नीतिगत खामियों के कारण कर्मचारी इस योजना में शामिल होने से हिचकते रहे।
अंतराष्ट्रीय श्रम संगठन ने सरकारी पेंशन योजना को लेकर जताई गई आशंकाओं को गलत बताया है। वियतनाम में संगठन के सामाजिक सुरक्षा प्रबंधक आंद्रे गामा ने कहा- हमारे विश्लेषण का निष्कर्ष है कि वियतनाम का सरकारी कोष कम से कम आधी सदी तक स्थिर बना रहेगा। उन्होंने कहा कि वियतनाम को अपने अधिक नागरिकों को इस सिस्टम के तहत लाना चाहिए। इसके लाभों को और अधिक लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है।
एलायंज ग्लोबल पेंशन रिपोर्ट-2020 के मुताबिक वियतनाम के पेंशन सिस्टम का लाभ सिर्फ 40 फीसदी बुजुर्ग लोगों को मिल पाता है। जबकि चीन और जापान में सौ फीसदी लोगों को यह कवरेज हासिल है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक अब प्राइवेट फंड कायम करने से इस सामाजिक सुरक्षा का कितना विस्तार होगा, फिलहाल ये सवाल बना हुआ है।