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नमाज की बात कहकर गया सह-पायलट: पीछे से किया हमला; मच्छार ने नेतन्याहू को बताया उस दिन क्या-क्या हुआ था?

Sun, 04 Oct 2026 10:44 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

फ्लाईदुबई की उड़ान 1073 में सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर कॉकपिट के अंदर क्रैश एक्स से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार  ने अपनी आखिरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद यात्रियों ने हमलावर को काबू किया। इस बहादुरी के लिए इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मछार को फोन कर उन्हें भारत, इस्राइल और पूरी दुनिया का हीरो बताया।
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फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हाईवोल्टेज ड्रामा (एआई जेनरेटेड तस्वीर)) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या 1073 में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कॉकपिट के अंदर ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। विमान हवा में था और कप्तान पर लगातार वार हो रहे थे। हालात इतने बिगड़ गए कि विमान तेजी से नीचे जाने लगा। शनिवार को इस घटना के बाद इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार को फोन किया और उनकी बहादुरी की जमकर तारीफ की। बातचीत में मच्छार ने उस खौफनाक घटना की पूरी कहानी बताई कि आखिर कैसे उन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोला और विमान को बचाने का रास्ता बनाया।

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‘पहले लगा विमान को कोई बड़ी क्षति हुई है’
नेतन्याहू से बातचीत में कैप्टन मच्छार ने बताया कि हमले से कुछ मिनट पहले उनके सह-पायलट ने उनसे कहा था कि वह नमाज या प्रार्थना करने जा रहे हैं। मच्छार ने बताया कि इसके करीब चार-पांच मिनट बाद अचानक उनके सिर के पीछे जोरदार वार हुआ। मच्छार के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद विमान को कोई बहुत बड़ी क्षति पहुंची है। लेकिन अगले ही पल लगातार वार होने लगे। तभी उन्हें समझ आया कि विमान में कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं हुई है, बल्कि कॉकपिट में मौजूद दूसरा व्यक्ति ही उन पर हमला कर रहा है।

क्रैश एक्स से किया गया हमला
संयुक्त अरब अमीरात के अभियोजक जनरल के मुताबिक, अल-हम्मामी ने कॉकपिट में रखे क्रैश एक्स से मच्छार पर हमला किया। इसके बाद उसने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। क्रैश एक्स एक आपातकालीन उपकरण होता है, जिसे विमान के कॉकपिट में आपात स्थिति से निपटने के लिए रखा जाता है। लगातार हमलों के कारण मच्छार की आंखों की रोशनी भी लगभग प्रभावित हो गई थी। इसी बीच उन्हें महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे की तरफ जा रहा है।
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कॉकपिट का दरवाजा खोलने की पहली कोशिश नाकाम
मछार ने बताया कि उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की पहली कोशिश की, लेकिन सह-पायलट ने उन्हें रोक दिया। वह जमीन पर गिर पड़े। बाहर से यात्रियों और क्रू सदस्यों की चीखें सुनाई दे रही थीं और अंदर हालात लगातार बिगड़ रहे थे। मच्छार ने कहा कि उस वक्त उनके मन में सिर्फ एक बात आई- अगर उन्होंने अब कुछ नहीं किया तो उनकी जान चली जाएगी। उन्होंने अपनी बची हुई आखिरी ताकत जुटाई और किसी तरह दरवाजे तक पहुंचे।

‘आखिरी ताकत लगा दी और दरवाजा खोल दिया’
कैप्टन मच्छार ने नेतन्याहू को बताया, 'तब मेरे मन में आया कि अगर मैंने ऐसा नहीं किया तो मैं मर जाऊंगा। मेरे अंदर जो आखिरी ताकत बची थी, मैंने उसे लगा दिया। मैं दरवाजे तक पहुंचा और उसे खोल दिया।' दरवाजा खुलते ही बाहर खड़े यात्रियों को कॉकपिट में पहुंचने का मौका मिल गया। यात्रियों ने तुरंत हमलावर को काबू करने की कोशिश शुरू कर दी और विमान को संभालने में मदद की।

‘ट्विस्ट’ से खुला दरवाजा, नेतन्याहू ने भी किया मजेदार कमेंट
मछार ने बताया कि कॉकपिट का दरवाजा अंदर से एक घुमाने वाले तंत्र यानी ट्विस्ट-टू-ओपन मैकेनिज्म से खोला जा सकता है। बाहर से दरवाजा खोलने के लिए एक कोड की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि उनके साथी बाहर से कोड डालकर दरवाजा खोलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हमलावर किसी तरह उस प्रक्रिया को रोक रहा था। इसके बाद मच्छार किसी तरह दरवाजे के हैंडल तक पहुंचे और उसे एक 'छोटा और तेज मोड़' दिया। इसी से दरवाजा खुल गया और यात्रियों के लिए कॉकपिट में पहुंचने का रास्ता साफ हो गया। मच्छार की इस बात पर नेतन्याहू ने शब्दों का खेल करते हुए कहा, 'यह किस्मत का ट्विस्ट है, और विश्वास का भी ट्विस्ट है। आपने जो किया, वह असाधारण है।' 

‘आप भारत और पूरी दुनिया के हीरो हैं’
इस्राइल के प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार की बहादुरी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा,'आप इस्राइल के हीरो हैं, भारत के हीरो हैं और पूरी दुनिया के हीरो हैं। मैं आपको बता सकता हूं कि यहां के लोग खुले दिल से आपका स्वागत करेंगे।'  नेतन्याहू ने बातचीत के दौरान मच्छार और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्राइल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करने की बात भी कही। हालांकि, खबर के अनुसार स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने वालों के चयन की एक तय सरकारी प्रक्रिया होती है। ऐसे में प्रधानमंत्री अकेले इस चयन का अंतिम फैसला नहीं कर सकते।

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इलाज के लिए यूएई में हैं कैप्टन मच्छार
इस घटना के बाद फ्लाईदुबई के घायल कप्तान स्मित मच्छार को इलाज के लिए संयुक्त अरब अमीरात में रखा गया है। हवा में हुई इस पूरी घटना ने न केवल विमान में मौजूद यात्रियों की जान को खतरे में डाल दिया था, बल्कि कॉकपिट की सुरक्षा और आपात स्थिति में यात्रियों व चालक दल की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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