फेसबुक और लिंक्डइन के बाद अब क्लबहाउस डाटा लीक का शिकार हो गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस ‘ऑडियो-ओनली’ एप्लीकेशन के करीब 13 लाख यूजर्स की निजी जानकारियां एक लोकप्रिय हैकर फोरम तक पहुंच गई हैं। लीक डाटा में लोगों के नाम, सोशल मीडिया प्रोफाइल, यूजर आईडी, फोटो यूआरएल, ट्विटर-इंस्टाग्राम हैंडल, फॉलोअरों की संख्या, अकाउंट बनाने की तारीख और अन्य विवरण शामिल हैं।
शनिवार को सामने आई साइबर न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधी क्लबहाउस के इन लाखों यूजर्स के लीक हुए एसक्यूएल डाटा का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। वे इसके जरिए फिशिंग या अन्य प्रकार के सोशल इंजीनियरिंग हमले कर लोगों को निशाना बना सकते हैं। साथ ही यूजर्स की क्लबहाउस पहचान चोरी करने समेत पासवर्ड भी बदलने की कोशिश की जा सकती है।
भारत में भी चर्चा का केंद्र क्लबहाउस
अप्रैल 2020 में लॉन्च हुआ एप। हाल ही में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का ऑडियो वायरल होने के बाद चर्चा में आया।
सावधानी बरतें उपयोगकर्ता
- अनजान लोगों से आने वाले संदेश और कनेक्शन रिक्वेस्ट से सतर्क रहें।
- जरूरत पड़े तो क्लबहाउस अकाउंट का पासवर्ड भी बदल लें।
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के जरिए भी साइबर अपराधियों से बच सकते हैं।
13 लाख यूजर्स की निजी जानकारी पहुंची ऑनलाइन हैकर फोरम तक
- लीक के बारे में खुद क्लबहाउस ने अभी कोई स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है।
हो सकता है दुरुपयोग
साइबर सुरक्षा विश्लेषक पॉल प्रुडोम की मानें तो क्लबहाउस लीक चिंताजनक है क्योंकि अपराधी निजी जानकारी का दुरुपयोग कर यूजर्स की कंपनियों पर हमला बोल सकते हैं।
संवेदनशील जानकारी नहीं
जानकारों के अनुसार, लीक डाटा में कानूनी दस्तावेजों या क्रेडिट कार्ड जैसी संवेदनशील जानकारी शामिल नहीं है। इसमें से ज्यादातर डाटा पहले से ही सार्वजनिक प्लेटफॉर्मों पर उपलब्ध है।