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Climate Change: अगले 5 साल में रिकॉर्ड 1.5 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान, दुनिया को करना पड़ेगा खतरनाक मौसम का सामना

Fri, 29 May 2026 05:58 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

यूएन की नई जलवायु रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि आने वाले वर्षों में वैश्विक तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार तापमान बढ़ने से सूखा, बाढ़, भीषण गर्मी और जंगलों में आग जैसी चरम मौसमी घटनाएं और तेज हो सकती हैं। रिपोर्ट में आर्कटिक क्षेत्र, अमेजन जंगल, ग्लेशियर और प्रवाल भित्तियों पर बढ़ते खतरे का भी जिक्र किया गया है।
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दुनिया का तापमान बढ़ने के संकेत - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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संयुक्त राष्ट्र की नई जलवायु रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगले पांच वर्षों के दौरान पृथ्वी का तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान पृथ्वी के सबसे गर्म वर्ष का रिकॉर्ड भी कई बार टूट सकता है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने यह भी अनुमान जताया है कि 2030 तक आर्कटिक क्षेत्र का तापमान करीब 1.66 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजन क्षेत्र में गंभीर सूखे और वनाग्नि का खतरा भी बढ़ सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा कि कोयला, तेल और गैस के इस्तेमाल से बढ़ रही वैश्विक गर्मी के कारण बाढ़, सूखा-भीषण गर्मी जैसी मौसमी घटनाएं अधिक होंगी। संयुक्त राष्ट्र की जलवायु एजेंसी और ब्रिटेन के मौसम विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 से 2030 के बीच औसत वैश्विक तापमान के औद्योगिक क्रांति से पहले के स्तर की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहने की 75% आशंका है। रिपोर्ट के मुताबिक, तापमान में मामूली वृद्धि भी मौत, खतरे और जीव-जंतुओं की प्रजातियों को क्षति पहुंचाएगी। प्रवाल भित्तियों और ग्लेशियर जैसे कई प्राकृतिक तंत्र इस अतिरिक्त दबाव को सहन नहीं कर पाएंगे। एजेंसी

1.5 डिग्री तापमान बढ़ेगा
डब्ल्यूएमओ की रिपोर्ट के अनुसार, अगले पांच वर्षों में कम से कम एक वर्ष के 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा पार करने की 91% आशंका है। वहीं, 2024 में बने पृथ्वी के सबसे गर्म वर्ष के रिकॉर्ड के टूटने की आशंका 86% बताई गई है। अनुमान है कि 2030 तक हर वर्ष का तापमान 19वीं सदी के अंत की तुलना में 1.3 से 1.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहेगा।
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अल नीनो की संभावना: कम अवधि के मौसम पूर्वानुमानों में अल नीनो की संभावना जताई गई है। डब्ल्यूएमओ ने कहा, इसका असर 2028 तक रहने से 2027 में 2024 का रिकॉर्ड टूट सकता है।

तापमान रोकने के प्रयास नाकाफी: संयुक्त राष्ट्र के जलवायु प्रमुख साइमन स्टिल ने कहा, हाल के वर्षों में कुछ प्रगति जरूर हुई है, लेकिन वैश्विक तापमान वृद्धि को रोकने के प्रयास नाकाम रहे हैं।

दुनिया के लिए गंभीर
रिपोर्ट की सह-लेखिका मेलिसा सीब्रुक ने कहा, 1.5 डिग्री सेल्सियस कोई ऐसी अंतिम सीमा नहीं है। लेकिन हर 0.1 डिग्री तापमान वृद्धि के साथ असर और गंभीर होता जाएगा। लंदन की जलवायु विज्ञानी फ्रेडरिक ओटो ने कहा, यदि पूरे वर्ष तक तापमान 1.5 डिग्री से ऊपर रहा, तो दुनिया को खतरनाक मौसम का सामना करना पड़ेगा जो बेहद गंभीर होगा।
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