फ्रांस के मशहूर चित्रकार क्लॉड मोनेट की प्रसिद्ध पेंटिंग 'लेस म्यूल्स' एक बार फिर चर्चा में है। यह पेंटिंग इस बार जलवायु कार्यकर्ताओं द्वारा निशाना बनाए जाने को लेकर चर्चा में है। दरअसल, जर्मनी के संग्रहालय बारबेरिनी (Museum Barberini) में क्लॉड मोनेट की प्रसिद्ध पेंटिंग जलवायु कार्यकर्ता के सदस्यों का निशाना बन गई। जलवायु कार्यकर्ता के दो सदस्यों ने पेंटिंग पर मैश किए हुए आलू फेंके।
इस घटना को एक आश्चर्यजनक कदम कहा जा सकता है। आश्चर्य की बात यह है कि लंदन में दो लड़कियों द्वारा प्रसिद्ध चित्रकार वैन गॉघ (Van Gogh) की 'सनफ्लावर' पेंटिंग पर टमाटर का सूप फेंकने के ठीक नौ दिन बाद यह घटना सामने आई है। एक वीडियो जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, इसमें साफ देखा जा सकता है कि दो पर्यावरण प्रदर्शनकारी एक दीवार पर लगी मोनेट की 'लेस म्यूल्स' पेटिंग पर पहले मैश किया हुआ आलू फेंकते हैं, फिर अपने एक-एक हाथ पर कुछ लगाकर उसे दीवार से चिपका देते हैं।
'लेट्जे जेनरेशन' ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस वीडियो साझा किया और लिखा, "मोनेट की यह तस्वीर एक मंच है और जनता दर्शक हैं। अगर हमें समाज को यह याद दिलाने के लिए कि जीवाश्म कार्यप्रणाली हम सभी को मार रहा है, मैश किए हुए आलू या टमाटर का सूप पेंटिंग पर फेंकना पड़ रहा है, तो फिर हम आप सभी को एक मैश किया हुआ आलू पेंटिंग पर फेंकने के लिए देते हैं।" न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, मोनेट की 'लेस म्यूल्स' पेंटिंग 2019 में न्यूयॉर्क में एक नीलामी में लगभग 110.07 मिलियन अमेरिकी डालर में बेची गई थी।