पाकिस्तान के चीफ जस्टिस उमर अता बंदियाल के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अभिवादन करने के बाद सुर्खियों में आ गए हैं। दरअसल, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इमरान खान को देखकर चीफ जस्टिस ने उन्हें कहा था कि आपको देखकर खुशी हुई। उनके इस बयान के बाद विपक्ष उनकी आलोचना कर रही है।
अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में कोर्ट में उनकी पेशी के दौरान चीफ जस्टिस ने ये टिप्पणी की थी। पीएम शहबाज शरीफ की उपस्थिति में एक संघीय कैबिनेट की बैठक के दौरान पीएम ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख को लेकर चीफ जस्टिस द्वारा ऐसी टिप्पणी करना देश के न्यायापालिका के ऊपर धब्बा लगाना है।
आलोचनाओं के बाद चीफ जस्टिस बंदियाल ने अपनी सफाई में कहा- "इमरान खान का अभिवादन करने के बाद मेरी हर तरफ आलोचना हो रही है। हालांकि, मैं हमेशा इसी बोल का उपयोग करता हूं।"
उन्होंने आगे कहा- "मैं सभी का इसी तरह से सम्मान करता हूं, क्योंकि सम्मान सभी के लिए बराबर है। सभी को सम्मान और शिष्टाचार का पाने का पूरा अधिकार है।"
बता दें कि इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने कानून प्रवर्तन एजेन्सी के 40 वाहन जलाने के साथ 14 सरकारी इमारतों को नष्ट कर दिए। समर्थकों ने जिन्ना हाउस से प्रचलित कॉर्प्स कमांडर हाउस में भी आग लगा दी।
इमरान की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को बंदियाल के नेतृत्व वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंज ने उन्हें जमानत दे दी थी। बंदियाल द्वारा इमरान खान को अभिवादन किए जाने के बाद पीएमएल(एन) के प्रमुख आयोजक मरियम नवाज सुप्रीम कोर्ट के बाहर चीफ जस्तीफ के इस्तीफा की मांग करने लगी।
प्रधान मंत्री शरीफ के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने भी देश भर में 120 से अधिक मामलों का सामना कर रहे खान की गिरफ्तारी में बंदियाल के हस्तक्षेप की निंदा की है।कैबिनेट को संबोधित करते हुए शरीफ ने इसे न्याय का दोहरा मापदंड बताया।
पाकिस्तान के रक्षा मंक्षी खवाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा कि अब समय आ गया है कि संसद इस स्थिति में अपनी संवैधानिक भूमिका निभाए।उन्होंने इस मामले पर संविधान के अनुच्छेद 209 के तहत सर्वोच्च न्यायिक परिषद को नोटिस भेजने के लिए एक संसदीय समिति के गठन की मांग की।