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US: अमेरिकी स्ट्राइक से कितना पीछे गया ईरान? वायु रक्षा प्रणाली से लेकर परमाणु क्षमता तक, CIA ने बताया सबकुछ

Mon, 30 Jun 2025 08:18 AM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिका और इस्राइल के हमलों से ईरान का परमाणु कार्यक्रम कई साल पीछे चला गया है। इस्फहान स्थित मेटल कन्वर्जन प्लांट समेत कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। सीआईए प्रमुख ने कहा कि ईरान की बम बनाने की क्षमता खत्म हो गई है। वहीं, आईएईए प्रमुख ने भी नुकसान की पुष्टि की है। 
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डोनाल्ड ट्रंप और अली खामेनेई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका और इस्राइल की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने बड़ा असर डाला है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने दावा किया है कि इन हमलों में ईरान का एकमात्र धातु रूपांतरण संयंत्र (मेटल कन्वर्जन प्लांट) पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। यह प्लांट ईरान के इस्फहान शहर में था, जहां यूरेनियम को मेटल में बदलने का काम होता था। यह प्रक्रिया परमाणु बम बनाने के लिए सबसे अहम मानी जाती है। अमेरिका का दावा है कि इस हमले के बाद ईरान का न्यूक्लियर कार्यक्रम वर्षों पीछे चला गया है।
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सीआईए प्रमुख ने हाल ही में अमेरिकी सांसदों को एक बंद कमरे में ब्रीफिंग दी। इसमें उन्होंने बताया कि ईरान की धातु रूपांतरण फैसिलिटी पर हमला इतना जबरदस्त था कि वहां की हर चीज मलबे में दब चुकी है। रैटक्लिफ ने बताया कि इस हमले के बाद ईरान के पास मौजूद ज्यादातर संवर्धित यानी इकट्ठा किया गया यूरेनियम भी इस्फहान और फोर्डो साइट्स में मलबे के नीचे दब गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि अगर ईरान चाहे तो भविष्य में फिर से न्यूक्लियर कार्यक्रम को शुरू कर सकता है, लेकिन फिलहाल उसकी तकनीकी क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है।

आईएईए ने भी मानी हमले में नुकसान की बात
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने भी माना कि अमेरिकी और इस्राइली हमलों से ईरान के तीन बड़े न्यूक्लियर ठिकानों- इस्फहान, फोर्डो और नतांज को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि इन जगहों पर यूरेनियम ट्रीटमेंट, कन्वर्जन और एनरिचमेंट की सुविधाएं अब काफी हद तक नष्ट हो चुकी हैं। हालांकि ग्रोसी ने यह भी कहा कि अभी भी कुछ क्षमता बाकी है और अगर ईरान चाहे तो भविष्य में दोबारा काम शुरू कर सकता है, लेकिन पूरी तस्वीर तभी साफ होगी जब ईरान अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को जांच की इजाजत देगा।
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ईरान में तबाही को लेकर क्या बोले ट्रंप?
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम ऐसे तबाह हुआ जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने कहा कि फिलहाल ईरान की परमाणु बम बनाने की महत्वाकांक्षा पर रोक लग गई है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि धातु रूपांतरण सुविधा (मेटल कन्वर्जन फैसिलिटी) अब नक्शे पर ढूंढे नहीं मिलती, वहां बस राख और मलबा रह गया है। इस्राइल के अधिकारियों ने भी इस आकलन से सहमति जताई है। उनका कहना है कि ईरान की यूरेनियम संवर्धन क्षमता लंबे समय के लिए खत्म हो चुकी है।
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इस मोड़ पर भी ईरान को किया कमजोर
हालांकि, कुछ डेमोक्रेट नेता और परमाणु विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल ठिकानों को तबाह कर देने से ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं खत्म नहीं होतीं। ग्रोसी ने कहा कि तकनीक और ज्ञान को मिटाया नहीं जा सकता। इसलिए इस मसले का स्थायी समाधान सिर्फ कूटनीतिक समझौते के जरिए ही संभव है। दूसरी ओर, इस्राइलीअधिकारियों का कहना है कि ईरान की मिसाइल निर्माण इकाइयों और एयर डिफेंस सिस्टम को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिससे ईरान की सुरक्षा क्षमताएं भी कमजोर हुई हैं। फिलहाल तेहरान पर फिर से हमला करना आसान हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य-पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है।


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