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वेनेजुएला में धरती थमी लेकिन नहीं थमा संकट: अब कौन सी नई परेशानी आई सामने? 3811 पहुंची मृतकों की संख्या

Fri, 10 Jul 2026 09:07 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

वेनेजुएला में आए दो जबरदस्त भूकंपों के पीड़ितों और तबाही से अभी लोग उबर भी नहीं पाए थे उससे पहले ही एक और परेशानी ने उनकी मुश्किलों को बढ़ा दिया है। दरअसल, भूकंप का सामना कर रहे पीड़ितों को पुरानी बीमारियों ने घेर लिया है।
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वेनेजुएला में पीड़ितों का इलाज करती भारतीय टीम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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वेनेजुएला में पिछले महीने आए दो भीषण भूकंपों के बाद मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। राहत शिविरों में डायरिया, त्वचा रोग और मधुमेह व उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने 13 लाख जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए 30 करोड़ डॉलर की अपील की है, जबकि स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन राहत और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में जुटे हैं।
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क्या अब राहत से ज्यादा स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत महसूस हो रही है?
मदद की यह मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब संयुक्त राष्ट्र ने दक्षिण अमेरिकी देश में सहायता की सख्त जरूरत वाले 13 लाख लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए करीब 30 करोड अमेरिकी डॉलर की अपील की है। यह वही देश है, जहां कुछ समय पहले तक गैर-सरकारी संगठनों को सरकारी दमन का सामना करना पड़ रहा था। सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तरी राज्य ला गुआइरा में अब सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल किचन, अस्थायी क्लिनिक और फील्ड अस्पताल लोगों की मदद में जुटे दिखाई दे रहे हैं।

राहत प्रमुख टॉम फ्लेचर ने क्या कहा?
वेनेजुएला के दौरे पर पहुंचे संयुक्त राष्ट्र के राहत प्रमुख टॉम फ्लेचर ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा,'विस्थापन स्थलों पर साफ दिखाई दे रहा है कि, खासकर दो सप्ताह बाद, लोग इसलिए आ रहे हैं क्योंकि उन्हें अपनी पुरानी बीमारियों का इलाज नहीं मिल पा रहा है। अब लोग सिर्फ फ्रैक्चर जैसी चोटों के साथ नहीं आ रहे, बल्कि लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए भी पहुंच रहे हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि हम लगातार उनके साथ मौजूद रहें।'
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वेनेजुएला में भूकंप से तबाही - फोटो : पीटीआई

किन बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं?
ला गुआइरा राज्य के कैटिया ला मार इलाके में मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने गुरुवार को बताया कि त्वचा संबंधी बीमारियों और डायरिया के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों की दवाओं की मांग भी लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों का मानना है कि भीडभाड वाले राहत शिविरों, साफ पानी की कमी और खराब स्वच्छता व्यवस्था के कारण इन बीमारियों का खतरा और बढ़ गया है। इनमें से कई समस्याएं भूकंप से पहले भी मौजूद थीं, लेकिन अब हालात और गंभीर हो गए हैं।

इरमा एचारी इलाज के लिए क्यों पहुंचीं?
इरमा एचारी चर्च के सामने सड़क के दूसरी ओर फुटपाथ पर खड़ी एक मोबाइल मेडिकल यूनिट में अपनी नियमित आई ड्रॉप और दर्द निवारक दवाओं के खाली डिब्बे लेकर पहुंचीं। उन्हें उम्मीद थी कि वहां मौजूद डॉक्टर उन्हें नई दवाएं उपलब्ध करा सकेंगे। इसके साथ ही वह 24 जून को आए भूकंप के बाद नाक में बने लगातार दर्द की भी जांच कराना चाहती थीं। 67 वर्षीय एचारी ने अपनी बारी का इंतजार करते हुए कहा, "बहुत दर्द होता है। दर्द इसलिए होता है क्योंकि दर्द है।

भूकंप के बाद कितनी तबाही हुई?
एचारी का घर भले ही क्षतिग्रस्त नहीं हुआ, लेकिन उनके कई पड़ोसी अस्थायी आश्रयों या खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। वेनेजुएला के अधिकारियों के अनुसार, लगातार आए भूकंपों में 3,811 लोगों की मौत हुई, 190 इमारतें पूरी तरह ढह गईं और 856 अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की सरकार का अनुमान है कि करीब 18,000 लोग बेघर हो गए हैं। इनमें से कई लोग स्कूलों, फुटपाथों, पार्कों, प्लाजा और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रह रहे हैं।
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भूंकप के बाद की तस्वीर - फोटो : पीटीआई

राहत अभियान में सबसे ज्यादा मदद कौन कर रहा है?
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय के प्रमुख टॉम फ्लेचर ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि भूकंप के बाद अब तक सबसे ज्यादा सहायता अमेरिका की ओर से मिली है। हालांकि जमीनी स्तर पर राहत का अधिकांश काम स्थानीय संगठन कर रहे हैं, जो वैश्विक मानवीय संस्थाओं के साथ मिलकर प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचा रहे हैं।

जुलबे रेयेस की कहानी क्या बयां करती है?
बेघर हुए लोगों में जुलबे रेयेस भी शामिल हैं। उन्होंने वेनेजुएला के संगठन पालुज द्वारा इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी के सहयोग से संचालित क्लिनिक में इलाज कराया। भूकंप के कारण नैनी की नौकरी गंवा चुकी रेयेस सीने में दर्द की शिकायत लेकर क्लिनिक पहुंची थीं। 41 वर्षीय रेयेस ने जांच और दवा मिलने के बाद कहा, "मुझे लगा कि मेरे दिल में कोई परेशानी है, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि उस दिन लगातार चीखने और घबराहट की वजह से एक नस में सूजन आ गई थी।'

भूकंप से कितना आर्थिक नुकसान हुआ है?
संयुक्त राष्ट्र के आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय के अनुसार, भूकंप के कारण घरों और बुनियादी ढांचे को हुए सीधे नुकसान का अनुमान करीब 37 अरब अमेरिकी डॉलर लगाया गया है।

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क्या इस आपदा ने सरकार और एनजीओ के रिश्ते बदल दिए हैं?
देशभर में गैर-सरकारी संगठनों की सक्रिय मौजूदगी और उन्हें राहत कार्य करने की मिली आजादी हाल के वर्षों की स्थिति से बिल्कुल अलग है। जब डेल्सी रोड्रिगेज, पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार में उपराष्ट्रपति थीं, तब इन संगठनों पर कई बार सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए थे। उस दौरान संयुक्त राष्ट्र के स्थानीय मानवाधिकार कार्यालय को भी देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था।
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