फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत छोड़ यूएई जाने वाली ईसाई लड़की ने कहा- प्यार के लिए गई, आतंकी बनने नहीं

Tue, 01 Oct 2019 06:52 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
सियानी बेनी उर्फ आएशा - फोटो : ट्विटर
विज्ञापन

भारत छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जाने वाली ईसाई युवती ने कहा है कि वह भारत से यूएई आतंकवादी समूह में शामिल होने के लिए नहीं बल्कि अपने प्यार के लिए गई है। बता दें कि 19 वर्षीय युवती ने अबूधाबी जाकर इस्लाम धर्म अपना लिया है और अपना नाम सियानी बेनी से बदल कर आएशा रख लिया है।  

विज्ञापन


युवती सियानी बेनी के अभिभावक ने दिल्ली में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें कहा गया था कि उनकी बेटी का अपहरण किया गया है। बेनी के कॉलेज के साथियों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को दी एक अर्जी में कहा, ‘दुनियाभर में तबाही मचाने वाली ताकतों द्वारा एक भारतीय नागरिक का अपहरण कर लिया गया है।’

वहीं, युवती ने गल्फ न्यूज से रविवार को कहा, ‘यह सच नहीं है। मैं अपनी मर्जी से अबू धाबी आई हूं। किसी ने मेरे साथ जबरदस्ती नहीं की। मैं भारत की एक वयस्क नागरिक हूं और अपना निर्णय ले सकती हूं।’
विज्ञापन


बेनी 18 सितंबर को सुबह 11 बजे तक कॉलेज की कक्षाओं में शामिल हुई थी। उसी दोपहर उसने एक भारतीय व्यक्ति से विवाह करने के लिए अबू धाबी के लिए गो एयर की उड़ान ली। लगभग नौ महीने पहले सोशल मीडिया पर उसकी इस भारतीय व्यक्ति से दोस्ती हुई थी।

युवती के अभिभावक मूल रूप से केरल के कोझीकोड के रहने वाले हैं। उसके अभिभावक ने कहा कि उन्हें आशंका है कि उनकी बेटी को गुमराह या उसका अपहरण किया गया है। बेनी ने इन आरोपों का खंडन किया है।

युवती ने शनिवार को एक बयान जारी करते हुए कहा था कि उसने 24 सितंबर को अपनी इच्छा से अबू धाबी की अदालत में इस्लाम धर्म अपना लिया।

उसने भारत के गृह मंत्री, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग और केरल व दिल्ली के मुख्यमंत्रियों को संबोधित एक पत्र में कहा, ‘मैंने इस धर्म को अपना लिया है और यह सुनिश्चित करूंगी कि मैं उसी विश्वास के साथ इस धर्म के साथ रहूं।’

युवती ने कहा, ‘हमारा संविधान प्रत्येक नागरिक को धर्म की स्वतंत्रता और आजादी प्रदान करता है... मुझे भारतीय दूतावास ने बुलाया और मैंने अपनी बात रखते हुए कहा कि मैं यहां अपनी मर्जी से आई हूं और वापस नहीं जाना चाहूंगी।’

उसने सरकार से इस तरह की फर्जी खबर फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जिसमें कहा गया था कि आतंकवादी समूह में शामिल कराने के लिए उसका अपहरण कर लिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें