चिराग पासवान ने इस दौरान भारत में परिवहन में सुधार, व्यापार में आसानी और एकल-खिड़की मंजूरी जैसी सुविधाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा, निवेशक भारत पर बहुत ही गंभीर स्तर पर विचार कर रहे हैं। भारत में उन्हें अद्वितीय सेटअप प्रदान किया जा रहा है।
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठकों से इस क्षेत्र में नए निवेश के बारे में आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा है कि निवेशक भारत को सिर्फ एक बाजार के रूप में ही नहीं, बल्कि नए पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के संदर्भ में भी देख रहे हैं।
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भारत के प्रतिनिधिमंडल में शामिल डब्ल्यूईएफ बैठक के मौके पर चिराग ने मीडिया से बातचीत में विश्व स्तर पर अच्छे सहयोग की उम्मीद व्यक्त की। मोदी सरकार भारत को वैश्विक खाद्य टोकरी बनाना चाहती है। उन्होंने कहा, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को लेकर पीएम मोदी का दृष्टिकोण बहुत स्पष्ट है। हमारे पास खाद्यान्न प्रचुरता में है, हम इस मामले में पूरी तरह सक्षम हैं। मैं भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश आने को लेकर बहुत सकारात्मक हूं। हम उद्योग के कुछ प्रमुख दिग्गजों के साथ बैठकें कर रहा हूं और मुझे गर्व है हर कोई भारत की ओर उत्सुकता से देख रहा है।
परिवहन में सुधार, व्यापार में आसानी और एकल खिड़की मंजूरी जैसी सुविधाओं का किया जिक्र
चिराग पासवान ने इस दौरान भारत में परिवहन में सुधार, व्यापार में आसानी और एकल-खिड़की मंजूरी जैसी सुविधाओं का जिक्र किया।उन्होंने कहा, निवेशक भारत पर बहुत ही गंभीर स्तर पर विचार कर रहे हैं। भारत में उन्हें अद्वितीय सेटअप प्रदान किया जा रहा है। ये सभी चीजें खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े वैश्विक लोगों को उत्साहित कर रही हैं और वे इसे बहुत सकारात्मक रूप से देख रहे हैं।