चीन और अमेरिका के बीच लगातार बढ़ती तनातनी के बीच चीनी सेना ने अपनी दक्षिणी समुद्र की सीमा में घुस आए एक अमेरिकी युद्धपोत को पीछे धकेल दिया है।
चीन का दावा है कि अमेरिका के इस भड़काऊ कदम को देखते हुए अब इस बात पर मुहर लग गई है कि चीन ने अपना रक्षा बजट बढ़ाकर कोई गलती नहीं की।
चीनी सेना का कहना है कि ये अमेरिकी युद्धपोत झीशा द्वीप के करीब देखा गया और चीन ने इसकी हर गतिविधि पर नजर रखने के बाद उसे वापस लौट जाने की चेतावनी दी और उसे लौटने पर मजबूर कर दिया।
चीनी सेना के प्रवक्ता ली हुआमिन ने बताया कि अमेरिका का बार-बार चीन की सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश और कोविड-19 के बाद से उसकी चीन को दी जा रही धमकियों से ये साफ होता है कि उसकी मंशा ठीक नहीं है।
ये सीधे सीधे अंतर्राष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी है और चीन को भड़काने की कोशिश। इससे साफ है कि अमेरिका इस इलाके में शांति भंग करने की गंभीर कोशिशें कर रहा है।
इससे पहले जनवरी में भी नान्शा द्वीप के पास, मार्च और अप्रैल में चीनी सीमा में झीशा द्वीप के पास भी अमेरिका अपनी घुसपैठ की हरकतें कर चुका है। हाल ही में चीन ने अपने रक्षा बजट में 6.6 फीसदी की बढ़ोतरी की है।
माना जा रहा है कि जिस तरह कोविड-19 के दुनिया भर में फैलने से चीन के खिलाफ माहौल बना है और खासकर अमेरिका लगातार चीन को इसके लिए मुख्य तौरर पर जिम्मेदार बता रहा है, उससे चीन आने वाले वक्त के खतरे को भांपते हुए अपनी रक्षा तैयारियां लगातार बढ़ाने में लगा है।