ब्राजील में अमेजन में कोविड-19 के नए और अधिक संक्रामक स्ट्रेन सामने आने के बीच एक अध्ययन में सामने आया है कि चीन की वैक्सीन कोरोनावैक, इस स्ट्रेन के खिलाफ अप्रभावी साबित हो सकती है। वॉल स्ट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट के अनुसार, छोटे स्तर पर किए गया गया यह अध्ययन ऐसे समय में सामने आया है, जब चिकित्सकों ने ब्राजील में आने वाले सप्ताहों में 'मानवीय तबाही' की चेतावनी दी है।
कोरोनावैक चीन की प्रमुख वैक्सीन है और इसे सिनोवैक कंपनी ने विकसित किया है। यह अध्ययन यह जानने के लिए किया गया था कि जब एंटीबॉडी ने नए स्ट्रेन का सामना किया तो टीकाकरण या पहले हुए कोविड-19 के दूसरे प्रकारों से हुए संक्रमण की वजह से एंटीबॉडी किस तरह बनीं। हालांकि, इस अध्ययन का पीयर रिव्यू (समान क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा अध्ययन का मूल्यांकन) किया जाना अभी बाकी है।
ब्राजील, अमेरिका और ब्रिटेन के शोधार्थियों द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार कोरोनावैक टीका लगवाने वाले आठ लोगों का प्लाज्मा लिया गया था। यह प्लाज्मा अमेजन वेरिएंट को, जिसे पी1 कहा जाता है, कुशलता से निष्प्रभावी करने में विफल रहा। हालांकि, अध्ययन का स्तर काफी छोटा था और इसमें अधिक जांच किए जाने की जरूरत है, खास बात यह रही कि आठों प्लाज्मा का परिणाम एक जैसा ही रहा।
यूनिवर्सिटी ऑफ साओ पाउलो विलियम डी सूजा कहते हैं कि चीन की वैक्सीन ब्राजीन में पहले पाए गए वायरस के प्रकारों के मुकाबले पी1 वेरिएंट के खिलाफ कम प्रभावी है। वहीं, कोरोनावैक को विकसित करने वाली चीनी कंपनी सिनोवैक ने इस अध्ययन को लेकर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। बता दें कि ब्राजील में हुए टीकाकरण में करीब 70 फीसदी में कोरोनावैक वैक्सीन का ही इस्तेमाल किया गया है।
बता दें कि क्लीनिकल परीक्षणों में कोरोनावैक वैक्सीन करीब 50 फीसदी असरदार साबित हुई है। यह वर्तमान में मौजूद किसी भी कोरोना वायरस वैक्सीन के मुकाबले सबसे कम है। इस बीच, पी1 स्ट्रेन ब्राजील के साथ 20 अन्य देशों में फैल गया है। तेजी से फैसले इस वायरस को लेकर वैज्ञानिकों के बीच इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि क्या मौजूदा वैक्सीन इस वेरिएंट के खिलाफ असरदार साबित होंगी या नहीं।