पूरी दुनिया को कोरोना वायरस के संकट में डालने वाले चीन ने एक नया कीर्तिमान बना डाला है। दरअसल, चीन की मानवरहित सबमर्सिबल ने महासागर के नीचे विश्व के सबसे गहरे बिंदु तक गोता लगाने का कारनामा किया है। इस दौरान चीन की इस पनडुब्बी ने गहरे महासागर से नमूने एकत्रित किए और भूगर्भीय वातावरण के उच्च गुणवत्ता वाले चित्र भी खींचे।
मीडिया में मंगलवार को प्रकाशित एक खबर में यह जानकारी सामने आई है। इसमें कहा गया है कि चीन की सबमर्सिबल ने गहरे महासागर से नमूने एकत्रित किए और भूगर्भीय वातावरण के उच्च गुणवत्ता वाले चित्र भी लिए हैं। सबमर्सिबल गहरे पानी में जा सकने वाली एक ऐसी मशीन होती है, जिसका इस्तेमाल प्रायः वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए किया जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, चीन की यह पनडुब्बी 'हायदू-1' प्रशांत महासागर के भीतर स्थित विश्व के सबसे गहरे क्षेत्र 'मारियाना ट्रेंच' तक पहुंचने में कामयाब रही है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस अभियान दल के सदस्य चीन की विज्ञान अकादमी से संबद्ध शेंगयांग इंस्टीट्यूट ऑफ ऑटोमेशन से जुड़े हैं।
इस दल के सदस्यों ने बताया कि सबमर्सिबल समुद्र की सतह से 10,000 मीटर गहरे मरियाना ट्रेंच में स्थित चैलेंजर डीप में चार बार गोता लगा चुकी है। वैज्ञानिकों का दल 23 अप्रैल को इस अभियान के लिए निकला था और बीते सोमवार को वापस लौट आया है।
रिपोर्ट के बताया गया है कि गहरे समुद्र में अनुसंधान के दौरान शोधकर्ताओं ने सटीकता से गहराई मापी, ध्वनि तरंगों के माध्यम से स्थिति का पता लगाने पर शोध किया और उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो के आदान-प्रदान का प्रयास किया।
इसके अलावा सबमर्सिबल ने गहरे समुद्र से कुछ नमूने एकत्रित किए हैं और भूगर्भीय वातावरण के चित्रे खींचे। बता दें कि हाल के वर्षों में चीन ने गहरे समुद्र के प्रचुर संसाधनों पर अनुसंधान के लिए तकनीकी विकास पर ध्यान देना शुरू किया है।