चीनी वैज्ञानिक ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने चीन में अपने एक सहयोगी से जैविक नमूने भेजने को कहा था, जिन्हें उसने एक किताब के अंदर छिपाकर 2024 में अमेरिका भेजने की कोशिश की थी। यह किताब अमेरिकी एजेंसियों ने बीच में ही पकड़ ली। मामले में साजिश का आरोप वापस ले लिया गया है, और उनको केवल तस्करी और झूठे बयान देने के अपराध में दोषी ठहराया गया।
अमेरिका के मिशिगन में जैविक सामग्री की तस्करी के मामले में गिरफ्तार एक चीनी वैज्ञानिक ने बुधवार को अदालत में अपना अपराध कबूल कर लिया। हालांकि अदालत ने उसे पहले से जेल में बिताए पांच महीने की सजा को ही अंतिम माना और अब उसे रिहा कर चीन वापस भेजा जाएगा। 33 वर्षीय यूनकिंग जियान, जो यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन की एक लैब में अस्थायी शोधकर्ता के रूप में काम कर रही थीं, को जून 2024 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने प्रेमी जुनयोंग लियू के साथ मिलकर अमेरिका में एक खतरनाक फफूंदी (फंगस) लाने की साजिश रची थी।
क्या है फ्यूजेरियम ग्रामिनेरम?
यह फफूंदी फ्यूजेरियम ग्रामिनेरम नाम के एक रोगजनक है, जो गेहूं, जौ, मक्का और चावल जैसी फसलों पर हमला कर सकती है और उन्हें बर्बाद कर सकती है। यह फफूंदी अमेरिका के कुछ इलाकों में मौसम और फसल की परिस्थितियों पर निर्भर करते हुए पहले से मौजूद होती है, लेकिन इसे विदेश से बिना सरकारी अनुमति लाना कानूनन अपराध है।
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गंभीर नुकसान की आशंका थी- सरकारी वकील
वहीं अमेरिकी सरकारी वकील माइकल मार्टिन ने अदालत में कहा कि इस कृत्य से 'गंभीर नुकसान' की आशंका थी, हालांकि उन्होंने विस्तार से यह नहीं बताया कि नुकसान कैसे हो सकता था। उन्होंने कहा, 'मेरे पास यह सबूत नहीं है कि उसने बुरी नीयत से यह किया, लेकिन यह भी सबूत नहीं है कि उसने मानवता के भले के लिए किया।'
अदालत में चीनी वैज्ञानिक ने कबूला अपराध
मामले की संघीय न्यायाधीश सुसान डेकलर्क ने इस मामले को बहुत अजीब बताया और कहा कि आरोपी एक 'बेहद योग्य शोधकर्ता' हैं। इस मामले में सरकारी वकील ने जहां दो साल की सजा की मांग की थी, वहीं जज ने केवल पांच महीने की सजा दी, जो जियान पहले ही जेल में काट चुकी थीं। यूनकिंग जियान को अदालत में जंजीरों में पेश किया गया, उन्होंने अदालत से माफी मांगी और कहा कि वह दबाव में थीं। अपने लिखित बयान में उन्होंने लिखा, 'मैंने नियमों का पालन नहीं किया क्योंकि मुझ पर शोध को आगे बढ़ाने और परिणाम देने का दबाव था। मेरा उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि फसलों को बीमारियों से बचाने के तरीकों पर काम करना था।'
डेट्रायट हवाईअड्डे पर बरामद हुए थे नमूने
उनके साथी शोधकर्ता जुनयोंग लियू, जिनके पास से डेट्रायट हवाईअड्डे पर नमूने बरामद हुए थे, इस समय चीन में हैं और उनके अमेरिका लौटने की संभावना बहुत कम बताई जा रही है। अदालत ने आदेश दिया है कि यूनकिंग जियान को रिहा कर शीघ्र चीन भेजा जाए।