चीन के लिए कोरोना वायरस एक ऐसे कहर की तरह आया है जिसने वहां की पूरी कम्युनिस्ट पार्टी को हरकत में ला दिया है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सबसे बड़ी चिंता ये है कि इसकी वजह से चीन की अर्थव्यवस्था और तमाम योजनाओं पर ज्यादा असर न पड़े।
जिनपिंग ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराकर कोरोना वायरस से प्रभावित इलाकों में चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने और जल्दी से जल्दी इस संकट से निबटने को कहा है।
इसके लिए पीएलए को मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट मुहैया कराने के साथ साथ 11 और नए एयरक्राफ्ट दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही सेना के 1400 स्वास्थ्यकर्मी और पार्टी के 1200 कार्यकर्ता दिन रात वुहान और दूसरे शहरों में मुस्तैद हैं।
चीनी राष्ट्रपति ने कहा है कि देश के आर्थिक विकास के साथ ही जो भी लक्ष्य तय किए गए हैं, उसपर इस वायरस के संकट का असर कम से कम पड़े और वक्त पर सारी योजनाएं पूरी हो सकें। शी जिनपिंग ने कहा कि चीन तेजी से कोरोना वायरस के खतरे को खत्म करने में लगा है और हर तरह के ज़रूरी कदम उठा रहा है।
दरअसल दुनिया भर में इस वायरस को लेकर जिस तरह के आतंक का माहौल है, उससे चीन बेहद चिंतित भी है और आतंकित भी। उसे लग रहा है कि अमेरिका और उसके प्रभाव वाले कई देश इसे लेकर ज्यादा अफवाह और डर फैला रहे हैं। इसका असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और आने वाले समय में चीन को इससे उबरने में काफी वक्त लग सकता है।
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को भी दुनिया भर में निशाने पर लिया जा रहा है, लेकिन जिनपिंग ने जिस तरह पार्टी को इस संकट से लड़ने के लिए पूरी तरह मैदान में उतार दिया है, उससे साफ है कि अब दुनियाभर में फैली तमाम आशंकाओं को चीन जल्द से जल्द दूर करना चाहता है। उसे लग रहा है कि इससे चीन विकास और अर्थव्यवस्था के मामले में कई साल पीछे चला जाएगा।