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Saudi Arabia: जिनपिंग ने सऊदी के बादशाह और क्राउन प्रिंस से की मुलाकात, इन मुद्दों पर की चर्चा

Fri, 09 Dec 2022 12:51 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, रियाद।

सार

2020 की शुरुआत के बाद से जिनपिंग की यह तीसरी विदेश यात्रा है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब चीन के राष्ट्रपति को अक्तूबर में देश के नेता के रूप में रिकॉर्ड तीसरी बार पांच साल का कार्यकाल दिया गया है। जिनपिंग बीते बुधवार को तीन दिवसीय सऊदी अरब यात्रा पर पहुंचे हैं।
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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान। - फोटो : Saudi Press Agency
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विस्तार
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आधिकारिक यात्रा के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को सऊदी अरब के बादशाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सउद और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने यूक्रेन पर युद्ध के चलते रूस पर लगे कड़े प्रतिबंधों के बीच ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति और पारस्परिक हितों के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

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2020 की शुरुआत के बाद से जिनपिंग की यह तीसरी विदेश यात्रा है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब चीन के राष्ट्रपति को अक्तूबर में देश के नेता के रूप में रिकॉर्ड तीसरी बार पांच साल का कार्यकाल दिया गया है। जिनपिंग बीते बुधवार को तीन दिवसीय सऊदी अरब यात्रा पर पहुंचे हैं। बीजिंग कोविड-19 की सख्त पाबंदियों के कारण सुस्त पड़ी अपनी अर्थव्यवस्था में फिर से तेजी लाने की कवायद में जुटा हुआ है और अरब देश चीन की ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम हैं। 

रियाद में फहराए गए दोनों देशों के ध्वज
जिनपिंग के आगमन पर सऊदी अरब की राजधानी रियाद में सऊदी और चीनी ध्वज फहराए गए। चीन के राष्ट्रपति ने हवाई अड्डे पर सऊदी अधिकारियों से हाथ मिलाया। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब यूक्रेन पर रूस का हमला और मास्को के खिलाफ पश्चिमी देशों के कड़े रुख के कारण अरब देश, चीन से संबंध मजबूत करना चाहते हैं।
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सऊदी-अमेरिका रिश्तों में तल्खी के बीच यात्रा 
जिनपिंग की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब सऊदी अरब और अमेरिका के बीच रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग के चीन-अरब देश शिखर सम्मेलन और गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल में शिरकत करने की संभावना है। इसमें सऊदी अरब के अलावा बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात शामिल होंगे। 

क्राउन प्रिंस को मिल सकता है फायदा
जिनपिंग की प्रिंस मोहम्मद के साथ यह मुलाकात इसलिए अहम है क्योंकि वाशिंगटन पोस्ट के स्तंभकार जमाल खशोगी की हत्या से जुड़े होने की वजह से जिनपिंग की मेजबानी करने से उनकी खुद की अंतरराष्ट्रीय मान्यता बढ़ने के आसार हैं। चीन की तेल खरीद के अलावा इसकी निर्माण विशेषज्ञता को लाल सागर पर प्रिंस मोहम्मद के 500 अरब डॉलर में तैयार हो रहे भविष्य के शहर निओम के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

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