चीन में सत्ताधारी पार्टी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों में आम जनता के साथ ही बीजिंग यूनिवर्सिटी से लेकर तमाम शिक्षण संस्थानों के छात्र भी शामिल हैं। विरोध कर रहे झाओ नामक प्रदर्शनकारी ने बताया कि उसके एक मित्र को भी पुलिस ने बुरी तरह पीटा और इलाज नहीं करने दिया।
उरुम्की में 300 से ज्यादा गिरफ्तार
रेडियो फ्री एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को उरुम्की में हजारों लोग पुलिस अधिकारियों के सामने बैरियर तोड़ते हुए नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन की घेराबंदी करने पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने उरुम्की में 300 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठी, मिर्च का स्प्रे, टीयर गैर और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पुलिस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें भी आई हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कई घायलों को भी गिरफ्तार किया है, जिन्हें इलाज की जरूरत है लेकिन पुलिस ने कैद कर लिया है।
गर्त में जाती अर्थव्यवस्था
चीन के लोग कोविड से ज्यादा इसकी रोकथाम के नाम पर लगने वाले लॉकडाउन, पूरे के पूरे शहर को अनिवार्य टेस्टिंग से गुजरने, अनिवार्य क्वारंटीन जैसे व्यवधानों ने परेशान हैं। लॉकडाउन और क्वारंटीन की वजह से लोग नौकरियों पर नहीं जा पा रहे हैं, जिससे उन्हें रोजमर्रा के खर्च चलाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक देश के 41 बड़े उद्योगों के मुनाफे में तीन वर्ष में 23 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। इसके अलावा विनिर्माण क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। एक साल में इस क्षेत्र का मुनाफ 13.4 फीसदी कम हुआ है। पेट्रोलियम उद्योग के मुनाफे में 70.9 फीसदी की बड़ी गिरावट भी आई है।
प्रदर्शन के कई वीडियो आए सामने
चीन में सरकार की सख्त नीति का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के कई वीडियो भी सामने आए हैं। एक वीडियो के मुताबिक उरुमकी शहर की सड़कों पर कई लोग दिखाई दे रहे हैं और ये लोग चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा लोग कह रहे हैं कि उन्हें पीसीआर टेस्ट नहीं चाहिए, उन्हें आजादी चाहिए। वे झिनजियांग शहर में लॉकडाउन वापस लेने की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में बीजिंग के शिंघुआ यूनिवर्सिटी परिसर में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विरोध करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके हाथ सफेद कागज थे। लोग कम्युनिस्ट पार्टी के विरोध में नारे लगा रहे थे। प्रदर्शनकारी 'शी जिनपिंग गद्दी छोड़ो, कम्युनिस्ट पार्टी पद छोड़ो' जैसे नारे लगा रहे थे।
2019 के बाद सबसे अधिक मामले
24 नवंबर को चीन में 31,444 नए मामले दर्ज किए गए थे। वहीं दूसरे दिन 32,943 तो तीसरे दिन यानी शुक्रवार को 35,909 मामले सामने आए। चीन के वुहान शहर में 2019 में सामने आए संक्रमण के पहले मामले के बाद देश में सामने आए ये सबसे अधिक दैनिक मामले हैं। देश में संक्रमण के दैनिक मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
कई इलाकों में आवाजाही पर लगी रोक
अमेरिका और अन्य देशों की तुलना में चीन में संक्रमण से मौत के कम मामले सामने आए हैं, लेकिन फिर भी देश की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने वायरस को लेकर कोई भी कोताही न बरतने की नीति अपना रखी है, जिसके तहत मामलों की संख्या देखते हुए इलाकों में लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई जाती है।
चीन के चाओयांग में 35 लाख लोग घर में कैद
स्वास्थ्य अधिकारियों की अपील के बाद 35 लाख लोग घर में कैद हो गए हैं। लोगों को घर पर ही सारी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। कई जगह कैंप लगाकर जांच बढ़ा दी गई है। बीजिंग में इस सप्ताह एक प्रदर्शनी केंद्र में अस्थायी अस्पताल बनाया गया और बीजिंग इंटरनेशनल स्ट्डीज यूनिवर्सिटी में भी आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया।