यूनिवर्सिटी का कैंपस 64 एकड़ के इलाके में बनेगा। इस पर 1.8 अरब डॉलर का खर्च आएगा। विश्लेषकों का कहना है कि ये रकम 2019 में हंगरी में उच्चतर शिक्षा पर खर्च हुए कुल बजट से भी ज्यादा है। कैंपस बनाने का 20 फीसदी खर्च हंगरी सरकार उठाएगी। बाकी डेढ़ अरब डॉलर की रकम एक चीनी बैंक बतौर कर्ज देगा। कैंपस का निर्माण मुख्य रूप से चीन से आई सामग्रियों और मजदूरों के जरिए पूरा किया जाएगा।
हंगरी का ईयू से बढ़ रहा टकराव
गौरतलब है कि हंगरी का ईयू के साथ हाल में टकराव बढ़ता गया है। ईयू ऑर्बन सरकार की 'ईस्टर्न ओपनिंग' (पूर्व की तरफ रुख) नीति का सख्त विरोधी रहा है। ईस्टर्न ओपनिंग नीति के तहत हंगरी ने चीन, रूस, टर्की और दूसरे मध्य एशियाई देशों के साथ अपने संबंध मजबूत बनाए हैं। कराक्सोनी ने कहा कि ऑर्बन सरकार की नीतियों के कारण हंगरी ईयू के भीतर 'पूरब की बड़ी ताकतों' का अड्डा बन गया है।
पिछले साल चीन ने बुडापेस्ट से सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड तक रेल मार्ग बनाने के लिए हंगरी को दो अरब डॉलर का कर्ज दिया था। ये रेल मार्ग चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत बन रहा है। हंगरी चीन की दूरसंचार कंपनी हुवावे के उपकरण भी आयात करता है। साथ ही वह ईयू का अकेला सदस्य देश है, जिसने चीन में बने कोरोना वैक्सीन को अपने यहां मंजूरी दी है।
बुडापेस्ट स्थित थिंक टैंक पॉलिटिकल कैपिटल के निदेशक पीटर क्रेको के मुताबिक फुदान यूनिवर्सिटी का कैंपस खोलने की योजना चीन के शिक्षा कार्यक्रमों और निवेश के जरिए ईयू क्षेत्र में अपने सॉफ्ट पॉवर को आगे बढ़ाने की मंशा का हिस्सा है। उन्होंने कराक्सोनी की इस राय से सहमति जताई कि यूनिवर्सिटी कैंपस योजना से चीनी जासूसी का रास्ता खुल सकता है।
अमेरिकी दूतावास ने विरोध किया
बुडापेस्ट स्थित अमेरिकी दूतावास ने पिछले हफ्ते ही एक बयान जारी कर हंगरी में चीनी विश्वविद्यालय खोलने की योजना का विरोध किया था। उसने कहा था कि चीन शैक्षिक संस्थानों का इस्तेमाल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने और बौद्धिक स्वतंत्रता का गला घोंटने के लिए करता है। हंगरी सरकार के प्रवक्ता या यूनिवर्सिटी कैंपस योजना से संबंधित मंत्रालय ने इस बारे में अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
जानकारों ने ध्यान दिलाया है कि 2018 में जब उच्च शिक्षा संबंधी एक कानून पास किया, तो उसके विरोध में सेंट्रल यूरोपियन यूनिवर्सिटी ने यहां अपना कैंपस बंद कर दिया था। अब हंगरी सरकार चीन की यूनिवर्सिटी का कैंपस यहां लाकर उसकी भरपाई करने की कोशिश कर रही है।