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PLA: PAK की वजह से ड्रैगन की किरकिरी; भारत के खिलाफ चीनी हथियारों के प्रदर्शन के सवाल पर झेलनी पड़ी शर्मिंदगी

Fri, 30 May 2025 10:03 AM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, बीजिंग

सार

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है, जिसने 2020 से 2024 तक चीन के हथियारों की खरीद में 81 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया है। इस खरीद में नवीनतम जेट लड़ाकू विमान, रडार, नौसैनिक जहाज, पनडुब्बियां और मिसाइलें शामिल थीं। दोनों देश संयुक्त रूप से J-17 विमान भी बनाते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चीनी सेना ने गुरुवार को भारत के साथ हाल ही में हुए संघर्ष में पाकिस्तान की ओर से इस्तेमाल किए गए चीनी हथियारों के प्रदर्शन पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीनियर कर्नल झांग शियाओगांग ने भारत की ओर से बिना विस्फोट वाले पीएल-15ई को बरामद करने की रिपोर्ट से भी किनारा कर लिया। उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया कि यह रडार-निर्देशित मिसाइल है, जिसे चीन की ओर से निर्मित अपनी तरह का सबसे उन्नत रॉकेट बताया गया है। आपने जिस मिसाइल का उल्लेख किया है, वह एक निर्यात उपकरण है। इसे कई बार देश और विदेश में रक्षा प्रदर्शनियों में दिखाया जा चुका है।

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सवाल को टालते नजर आए चीनी रक्षा मंत्रालय
झांग से जब भारतीय अधिकारी ने पूछा कि चीन ने सैन्य संघर्ष में पाकिस्तान को हवाई रक्षा और उपग्रह सहायता प्रदान की और चीनी हथियार प्रणालियों ने औसत से कम प्रदर्शन किया। इस सवाल को टालते हुए उन्होंने जवाब दिया कि भारत और पाकिस्तान ऐसे पड़ोसी हैं, जिन्हें अलग नहीं किया जा सकता। हमें उम्मीद है कि दोनों पक्ष शांत और संयमित रहेंगे और स्थिति को और जटिल बनाने वाली कार्रवाई से बचेंगे। झांग ने चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा पहले किए गए दावों को दोहराते हुए कहा।

चीनी रक्षा मंत्रालय महीने में एक बार मीडिया ब्रीफिंग करता है
झांग ने भारत और पाकिस्तान के बीच 7-10 मई को हुए सैन्य संघर्ष के बाद चीनी रक्षा मंत्रालय की पहली मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि चीनी पक्ष व्यापक और स्थायी युद्धविराम हासिल करने और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता को बनाए रखने में रचनात्मक भूमिका जारी रखने के लिए तैयार है। चीनी रक्षा मंत्रालय महीने में एक बार मीडिया ब्रीफिंग करता है।
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चीन की रुख सवालों के घेरे में
पाकिस्तान की ओर से चीनी हथियारों की आपूर्ति के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और दोनों देशों के बीच सदाबहार संबंधों को देखते हुए चीनी आधिकारिक मीडिया ने भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव में काफी रुचि दिखाई थी। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के लगभग दो सप्ताह बाद (जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे) भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए थे। पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया। भारतीय पक्ष ने पाकिस्तानी कार्रवाइयों का कड़ा जवाब दिया।

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