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पाकिस्तान में रहने वाले चीनी लड़के कर रहे पाकिस्तानी लड़कियों की तस्करी

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Sun, 05 May 2019 11:30 AM IST
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सांकेतिक चित्र - फोटो : File Photo

चीन और पाकिस्तान की गहरी दोस्ती किसी से छिपी नहीं है। चीन ने जब आतंकी मसूद अजहर को बचाया तो इस दोस्ती का सबूत भी दुनिया को मिल गया। चीन आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में सीपीईसी (चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे) का निर्माण कर रहा है। इस परियोजना के काम में भी चीनी नागरिक लगे हुए हैं। ऐसे में जाहिर है कि ये चीनी लोग पाकिस्तान में रह रहे हैं। 

इसी बीच अब ऐसी कई खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान में रह रहे ये चीनी वहां की लड़कियों की तस्करी कर रहे हैं। इन लड़कियों से झूठी शादी कर इन्हें चीन ले जाया जाता है। और फिर वहां इन्हें देह व्यापार के धंधे में ढकेल दिया जाता है। केवल इतना ही नहीं शादी के बाद इन लड़कियों को चीनी भाषा का ज्ञान भी दिया जाता है। चीनी लड़के केवल मुस्लिम नहीं बल्कि ईसाई लड़कियों को भी निशाना बना रहे हैं। 



हाल ही में गुरुवार को फेडेरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) ने ऐसे गैंग को गिरफ्तार किया है, जो ईसाई लड़कियों की तस्करी कर उन्हें चीन ले जा रहा था। इन लड़कियों को झूठी शादी के नाम पर फंसाया जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एफआईए ने फैसलाबाद में हो रही एक शादी में छापा मारा और चांग नाम के चीनी दूल्हे को गिरफ्तार कर लिया। 

छापे के बाद लड़की के पिता जाहिद, शादी कराने वाले काशिफ, एक चीनी महिला और कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया। पाकिस्तान के उत्तरी पंजाब और लाहौर में छपी कई रिपोर्ट में कहा गया है कि झूठी शादी के बाद जिन पाकिस्तानी लड़कियों को चीन ले जाया जाता है, वहां उनके शरीर के अंग भी निकाल लिए जाते हैं।

जब एक पाकिस्तानी नेता ने संसद में इस मुद्दे को उठाया तो इस्लामाबाद स्थित चीनी दूतावास ने एक बयान जारी किया। जिसमें कहा गया कि चीन और पाकिस्तान दोनों कानून के शासन को मानते हैं। और मानव तस्करी और मानव अंगों की बिक्री का दृढ़ता से विरोध करते हैं। वहीं चीन ने इन रिपोर्ट को भ्रामक और आधारहीन बताया।

क्या कहती हैं रिपोर्ट?

इस मामले पर छपी मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मानव तस्करी करने वाले चीनी नागरिक पाकिस्तान में अवैध मैचमेकिंग सेंटर चला रहे हैं। इन सेंटर के सहारे ये लोग गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी चीनी लड़कों से कराते हैं। यहां तक कि शादी का सारा खर्च उठाने की बात भी करते हैं। इसके बाद झूठी शादी कर लड़कियों को चीन ले जाते हैं। 

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सांकेतिक चित्र - फोटो : File Photo
चीन और पाकिस्तान की गहरी दोस्ती किसी से छिपी नहीं है। चीन ने जब आतंकी मसूद अजहर को बचाया तो इस दोस्ती का सबूत भी दुनिया को मिल गया। चीन आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में सीपीईसी (चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे) का निर्माण कर रहा है। इस परियोजना के काम में भी चीनी नागरिक लगे हुए हैं। ऐसे में जाहिर है कि ये चीनी लोग पाकिस्तान में रह रहे हैं। 

इसी बीच अब ऐसी कई खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान में रह रहे ये चीनी वहां की लड़कियों की तस्करी कर रहे हैं। इन लड़कियों से झूठी शादी कर इन्हें चीन ले जाया जाता है। और फिर वहां इन्हें देह व्यापार के धंधे में ढकेल दिया जाता है। केवल इतना ही नहीं शादी के बाद इन लड़कियों को चीनी भाषा का ज्ञान भी दिया जाता है। चीनी लड़के केवल मुस्लिम नहीं बल्कि ईसाई लड़कियों को भी निशाना बना रहे हैं। 

हाल ही में गुरुवार को फेडेरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) ने ऐसे गैंग को गिरफ्तार किया है, जो ईसाई लड़कियों की तस्करी कर उन्हें चीन ले जा रहा था। इन लड़कियों को झूठी शादी के नाम पर फंसाया जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एफआईए ने फैसलाबाद में हो रही एक शादी में छापा मारा और चांग नाम के चीनी दूल्हे को गिरफ्तार कर लिया। 

छापे के बाद लड़की के पिता जाहिद, शादी कराने वाले काशिफ, एक चीनी महिला और कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया। पाकिस्तान के उत्तरी पंजाब और लाहौर में छपी कई रिपोर्ट में कहा गया है कि झूठी शादी के बाद जिन पाकिस्तानी लड़कियों को चीन ले जाया जाता है, वहां उनके शरीर के अंग भी निकाल लिए जाते हैं।

जब एक पाकिस्तानी नेता ने संसद में इस मुद्दे को उठाया तो इस्लामाबाद स्थित चीनी दूतावास ने एक बयान जारी किया। जिसमें कहा गया कि चीन और पाकिस्तान दोनों कानून के शासन को मानते हैं। और मानव तस्करी और मानव अंगों की बिक्री का दृढ़ता से विरोध करते हैं। वहीं चीन ने इन रिपोर्ट को भ्रामक और आधारहीन बताया।

क्या कहती हैं रिपोर्ट?

इस मामले पर छपी मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मानव तस्करी करने वाले चीनी नागरिक पाकिस्तान में अवैध मैचमेकिंग सेंटर चला रहे हैं। इन सेंटर के सहारे ये लोग गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी चीनी लड़कों से कराते हैं। यहां तक कि शादी का सारा खर्च उठाने की बात भी करते हैं। इसके बाद झूठी शादी कर लड़कियों को चीन ले जाते हैं। 

चीन-पाकिस्तान - फोटो : File Photo

पाकिस्तान में बढ़ रही है चीनी लोगों की संख्या?

पांच साल पहले शुरू हुई सीपीईसी परियोजना के बाद से पाकिस्तान में बसने वाले चीनी लोगों की संख्या लगतार बढ़ती जा रही है। स्थानीय मीडिया में इन झूठी शादियों की रिपोर्ट लगातार आ रही हैं और ऐसे मामलों में इजाफा होता जा रहा है। पाकिस्तान में इस समस्या पर काफी बहस हो रही है और कुछ नेताओं का कहना है कि अधिकारियों को इन अवैध गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए।

क्यों चीनी दूतावास ने जारी किया बयान?

चीनी दूतावास ने बयान इसलिए जारी किया क्योंकि पाकिस्तान के एक बड़े मीडिया चैनल ने लाहौर स्थित एक अवैध मैचमेकिंग सेंटर की तस्वीरें जारी की थीं। इन तस्वीरों में कई चीनी आदमी और छह स्थानीय महिला एक कमरे में नजर आ रहे थे, लड़कियों में दो टीनेज भी थीं।

इसमें दिखाया गया कि जब चीनी गैंग से शादी का प्रमाणपत्र दिखाने को कहा गया तो वे नहीं दिखा सके। इसके बाद उनसे उस प्रमाणपत्र के बारे में पूछा गया, जिसमें ये लिखा हो कि मुस्लिम महिला से शादी से पहले उन्होंने इस्लाम कबूला है, तो वो उस प्रमाणपत्र को दिखाने में भी असफल रहे।

क्या कहती हैं पीड़िताएं?

पाकिस्तान की पीड़ित लड़कियों का कहना है कि चीनी लड़कों से शादी करने के बदले उनके परिवार को हर महीने 300 डॉलर मिलते थे। साथ ही परिवार के पुरुष सदस्यों को चीनी वीजा भी मिलता है। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि ये लोग गरीब परिवार को एक समझौते का लालच देते हैं। जिसमें लिखा होता है कि अगर कोई चीनी उनका दामाद बनेगा तो वो पाकिस्तानी नागरिकता ले लेगा। इसके बाद वो सीपीईसी परियोजना के तहत देश में निवेश करेगा। 


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