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Russian-China: चीनी रक्षा मंत्री ने रूस के साथ संबंधों को सराहा, बोले- हमारे रिश्ते बहुत मजबूत

Mon, 17 Apr 2023 05:59 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

चीनी रक्षा मंत्री ली ने कहा कि चीन के रक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह मेरी पहली विदेश यात्रा है। मैंने विशेष रूप से इसके लिए रूस को चुना ताकि हमारे द्विपक्षीय संबंधों की विशेष प्रकृति और रणनीतिक महत्व पर जोर दिया जा सके।
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पुतिन - फोटो : Twitter @MissJacque_line
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विस्तार
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चीनी रक्षा मंत्री ली शांगफू ने रविवार को क्रेमलिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक के दौरान मास्को के साथ संबंधों की प्रशंसा की। रूसी टीवी पर प्रसारित टिप्पणी में उन्होंने कहा कि हमारे बीच बहुत मजबूत संबंध हैं। वे शीत युद्ध के दौर के सैन्य-राजनीतिक गठजोड़ से आगे निकल गए हैं। वे बहुत स्थिर हैं। उन्होंने कहा कि रूस-चीन संबंध पहले ही एक नए युग में प्रवेश कर चुके हैं। 

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ली ने कहा कि चीन के रक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह मेरी पहली विदेश यात्रा है। मैंने विशेष रूप से इसके लिए रूस को चुना ताकि हमारे द्विपक्षीय संबंधों की विशेष प्रकृति और रणनीतिक महत्व पर जोर दिया जा सके। बैठक में रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू भी शामिल हुए।

पुतिन ने रूस और चीन के बीच सैन्य सहयोग का स्वागत किया। पुतिन ने कहा कि हम सैन्य विभागों के माध्यम से भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, नियमित रूप से उपयोगी सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे हैं और सैन्य-तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में सहयोग कर कर हैं।  उन्होंने कहा कि निस्संदेह यह एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र है जो हमारे संबंधों की विशेष रूप से भरोसेमंद, रणनीतिक प्रकृति को मजबूत करता है।
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चीनी रक्षा मंत्री ली की रूस यात्रा 19 अप्रैल तक चलेगी। पिछले महीने चीन के नेता शी जिनपिंग ने भी मास्को की आधिकारिक यात्रा की थी। पुतिन और शी ने अपने संबंधों में एक नए युग की सराहना की और यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए बीजिंग के प्रस्तावों पर चर्चा की। मॉस्को और बीजिंग ने पिछले वर्षों में सहयोग बढ़ाया है, जो सीधे अमेरिका को चुनौती देने जैसा है।

पुतिन द्वारा पिछले फरवरी में यूक्रेन में आक्रमण शुरू करने के बाद से चीन ने सीधे तौर पर रूस का समर्थन किया था। इससे चीन और रूस की साझेदारी मजबूत हुई है। वहीं वाशिंगटन ने बीजिंग पर मास्को को हथियारों के निर्यात पर विचार करने का आरोप लगाया है हालांकि चीन ने ऐसे दावों से इनकार किया।

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