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जुगाड़ू ड्रैगन: ...तो इस तरह चीन ने निकाल लिया अमेरिका के व्यापार युद्ध का तोड़!

Sat, 02 Jul 2022 05:26 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मेक्सिको सिटी

सार

परंपरागत रूप से चीनी कंपनियां दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में अपने संयंत्र लगाती रही हैं। अब मेक्सिको उनका नया ठिकाना है। यहां उत्पादन करने की श्रम लागत कम है। साथ ही वे कंपनियां अपने को मेक्सिको में रजिस्टर्ड करवाती हैं, जिससे मेक्सिको के उत्पादों को अमेरिका में मिली खास कर छूट का फायदा उन्हें मिल जाता है...
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मेक्सिको और चीन - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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जिस समय अमेरिका चीन पर तमाम तरह के व्यापार प्रतिबंध लगाने में जुटा हुआ है, चीनी कंपनियों ने उसकी सीमा पर जाकर अपना ठिकाना बनाना शुरू कर दिया है। चीनी कंपनियों का ये ठिकाना मेक्सिको है, जिसकी सीमा लंबी दूरी तक अमेरिका से मिलती है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में अमेरिका के तत्कालीन डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने जब चीन के खिलाफ व्यापार युद्ध शुरू किया, तो उसके जवाब में चीन ने ये रणनीति अपनाई। इसके तहत चीनी कंपनियों ने मेक्सिको में अपना प्लांट लगा कर वहां से कपड़ा या फर्नीचर जैसे उत्पाद निर्यात करने की पहल की। अब ये कारोबार ठोस रूप ले चुका है।

मेक्सिको में श्रम लागत है कम

वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम की एक खास रिपोर्ट के मुताबिक परंपरागत रूप से चीनी कंपनियां दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में अपने संयंत्र लगाती रही हैं। अब मेक्सिको उनका नया ठिकाना है। यहां उत्पादन करने की श्रम लागत कम है। साथ ही वे कंपनियां अपने को मेक्सिको में रजिस्टर्ड करवाती हैं, जिससे मेक्सिको के उत्पादों को अमेरिका में मिली खास कर छूट का फायदा उन्हें मिल जाता है। ये छूट मेक्सिको-अमेरिका-कनाडा की त्रिपक्षीय व्यापार संधि के तहत मिलती है।

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समझा जाता है कि अमेरिका के पास उत्पादन करने से सप्लाई चेन संबंधी दिक्कतों से भी कंपनियां बच जाती हैं। कंसल्टिंग कंपनी एटी कीर्नी ने हाल में अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि अमेरिकी कंपनियां भी अब अपने देश के करीब आकर उत्पादन करने में दिलचस्पी ले रही हैं। बीते मार्च में अपने सर्वे के दौरान कीर्नी ने पाया कि 92 फीसदी अमेरिकी कंपनियों की अपना कारखाना अमेरिका के करीब लाने के बारे में सकारात्मक राय है। 70 फीसदी कंपनियों के अधिकारियों ने कहा कि वे इस बारे में या तो अध्ययन कर रहे हैं, या योजना बना रहे हैं, या उन्होंने ऐसा करने की शुरुआत कर दी है।

चीन ने विदेश में बढ़ाई कारखाना लगाने की रफ्तार

कीर्नी की चीन शाखा के अध्यक्ष ही शियाओचिंग ने वेबसाइट निक्कई एशिया से कहा- ‘मेक्सिको में कारखाना चलाने का खर्च काबू में रहता है। साथ ही महामारी या अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध से सप्लाई चेन में आने वाली रुकावटों से भी वहां कम जोखिम पैदा होता है।’

मेक्सिको के होफुसान इंडस्ट्रियल पार्क के उपाध्यक्ष वू गुआंगयु ने बताया- ‘कोविड महामारी फैलने के बाद चीनी कंपनियों ने विदेश में अपना कारखाना लगाने की रफ्तार बढ़ा दी।’ इस इंडस्ट्रियल पार्क को मेक्सिको के सांतोस घराने और चीनी निवेशकों हॉली ग्रुप और फुतोंग ग्रुप ने मिल कर विकसित किया है। 2019 के बाद 20 से ज्यादा चीनी कंपनियां यहां आकर अपने संयंत्र लगा चुकी हैं। उनमें से तकरीबन दर्जन भर 2021 की दूसरी छमाही में आईं।

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इस इंडस्ट्रियल पार्क में मुख्य रूप से फर्नीचर और घरेलू उपकरणों को बनाने वाले कारखाने हैं। वू ने बताया कि उनमें से लगभग सभी अमेरिकी बाजार के लिए निर्यात करते हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका में ज्यादा मांग को देखते हुए कई कंपनियां चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के दूसरे देशों से हटा कर अपने कारखाने यहां ले आई हैं। यहां आई चीनी कंपनियों का मुख्यालय चीन में ही है। इसलिए यहां से जो मुनाफा वे कमाती हैं, उसका बड़ा हिस्सा चीन पहुंच जाता है।

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