डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, जैक मा बीते दो महीनों में कई कार्यक्रमों में शामिल होने वाले थे, लेकिन आखिरी वक्त पर उनका नाम अतिथि अथवा वक्ता की सूची से हटा दिया गया। नवंबर में मशहूर शो 'अफ्रीका के बिजनेस हीरोज' के एपिसोड से भी रहस्यमय तरीके से उनका नाम हटा दिया गया। शो के पोस्टर से भी उनकी तस्वीर हटा दी गई। बता दें कि इस शो को प्रोड्यूस करने वाली कंपनी जैक मा की ही है और उन्हें खुद के शो से ही बाहर होना पड़ा है।
ट्विटर से भी गायब जैक मा
अलीबाबा समूह के प्रवक्ता ने कहा कि जैक मा सिड्यूल के विवाद के कारण अब जजों के पैनल के हिस्सा नहीं हैं। हालांकि, इस शो के फाइनल से कई सप्ताह पहले ही जैक मा ने ट्वीट करके कहा था कि वह सभी प्रतिभागियों से मुलाकात की प्रतीक्षा नहीं कर सकते हैं। इसके बाद से उनके तीन ट्विटर अकाउंट से कोई पोस्ट नहीं किया गया है। इससे पहले वह लगातार ट्वीट करते रहते थे। इसके अलावा कई यूनिवर्सिटी और अन्य जगहों से भी बतौर वक्ता उनके कार्यक्रम में आने की घोषणा तो की गई थी, लेकिन आखिरी वक्त पर उनका नाम ही हटा दिया गया।
जैक मा से पहले भी कई लोगों पर हुई कार्रवाई
चीन में आवाज को दबाए जाने के लिए कार्रवाई की जद में आने वाले जैक मा पहले ऐसे शख्स नहीं हैं। चीन बड़ी संख्या में अपने देश में ऐसे लोगों को नजरबंद कर चुका है, जो कम्युनिस्ट पार्टी या शी जिनपिंग सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं। इससे पहले शी जिनपिंग की आलोचना करने वाले प्रॉपर्टी बिजनसमैन रेन झिकियांग लापता हो गए थे। उन्होंने कोरोना को सही से निपटने के लिए शी जिनपिंग को मसखरा बताया था। बाद में उन्हें 18 साल के लिए जेल भेज दिया गया। चीन के एक अन्य अरबपति शिआन जिआनहुआ वर्ष 2017 से नजरबंद हैं।