चीन ने असीमित ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए एक मशीन बनाई है जिसे कृत्रिम सूर्य या आर्टीफिशियल सन (Artificial Sun) भी कहा जा रहा है। एक्सपीरियंशल एडवांस्ट सुपरकंडक्टिंग टोकामाक (EAST) नाम की इस मशीन पर हेफेई इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल साइंस ने हाल ही में कुछ नए प्रयोगों की शुरुआत की है।
इस का तापमान असली सूर्य के मुकाबले लगभग सात गुना अधिक है। ये परीक्षण इसके तापमान को और समय सीमा को बढ़ाने के लिए किए जा रहे हैं। ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार बताया कि प्रयोगों का उद्देश्य EAST के ऑक्जिलरी हीटिंग सिस्टम को अपग्रेड करने के साथ इसे अधिक गर्म व स्थिर बनाना है।
साल 2006 में हुई थी परियोजना की शुरुआत
इस परियोजना की शुरुआत चीन ने साल 2006 में की थी। इसे चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन के साथ साउथवेस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स के वैज्ञानिकों ने मिलकर बनाया है। इस प्रोजेक्ट का एक उद्देश्य प्रतिकूल मौसम में भी सौर ऊर्जा उत्पादन करना है। कृत्रिम सूरज का प्रकाश असली सूरज की तरह तेज होगा।
10 हजार से ज्यादा वैज्ञानिक कर चुके हैं शोध
ग्लाबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस मशीन के निर्माण के 10 वर्ष से अधिक समय के दौरान 10 हजार से ज्यादा चीनी और विदेशी वैज्ञानिक शोधार्थी कृत्रिम सूर्य को बनाने के सपने को सच करने के लिए इस मशीन पर काम कर चुके हैं। इस दौरान बहुत सारे महत्वपूर्ण और अंतरराष्ट्रीय मील के पत्थर भी हासिल किए गए हैं।
चीन के ऊर्जा व आर्थिक विकास में देगा मदद
चीन के सिचुआन प्रांत में स्थित यह मशीन यह असली सूरज की तरह प्रचंड गर्मी और बिजली पैदा कर सकती है। चीनी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूक्लियर फ्यूजन एनर्जी का विकास चीन की सामरिक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ ही चीन के एनर्जी और अर्थव्यवस्था के सतत विकास में खासा सहायक सिद्ध होगा।