भारत के बाद अब अमेरिका ने भी चीन को झटका देते हुए टिकटॉक और वीचैट जैसे चीनी एप्स को देश में प्रतिबंधित कर दिया है। मालूम हो कि भारत ने इस साल 224 चीनी एप्स को बैन कर दिया था, जिसका अमेरिकी प्रशासन और सांसदों दोनों ने स्वागत किया था।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) रॉबर्ट ओ ब्रायन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीनी एप्स को प्रतिबंधित करने के फैसले का बचाव किया है। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ओ ब्रायन ने कहा, चीन भारत सहित अपने पड़ोसी देशों के खिलाफ अविश्वसनीय रूप से आक्रामक रहा है और इसलिए अमेरिकियों का डाटा संरक्षित किया जाना चाहिए।
20 सितंबर से, अमेरिका में ऑनलाइन मोबाइल एप्लिकेशन स्टोर के माध्यम से वीचैट और टिकटॉक मोबाइल एप्लिकेशन पर प्रतिबंध लगाया गया है। अमेरिका ने देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा का हवाला देते हुए इन एप्स पर प्रतिबंध लगाया है।
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शुक्रवार को फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ओ ब्रायन ने कहा, वे (चीनी) बहुत विरोधात्मक और आक्रामक लगते हैं। उनका ऐसा व्यवहार न केवल संयुक्त राज्य अमेरिका, बल्कि दुनिया भर के देशों के लिए है। उन्होंने कहा, आप देखें कि उन्होंने भारत के साथ क्या किया है और वे छोटे देशों के साथ कैसा व्यवहार कर रहे हैं। दक्षिण चीन सागर के संबंध में आप देखते हैं कि वे ताइवान के लिए क्या हैं?
ओ ब्रायन ने कहा, यह असाधारण स्थिति है, इसलिए राष्ट्रपति ने सख्त कदम उठाया है। हम अमेरिकी लोगों की सुरक्षा के लिए कुछ भी कर सकते हैं। चाहे फिर हमें अपने दूरसंचार, अपने डाटा या पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन की रक्षा पद्धित का पालन करना पड़े। जो शांति संयम के साथ, हमारे सेना का पुनर्निर्माण करने के लिए जोर देता है।
उन्होंने कहा, इसलिए, हमें वह सब कुछ करना होगा जो हमें यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि चीन जो भी फैसला ले, उसका प्रभाव हमारे जीवन पर न पड़े। वे संयुक्त राज्य अमेरिका पर धौंस नहीं जमा सकते हैं।