श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में चीन के राजदूत क्यूई झेनहोंग ने सोमवार को यहां अपनी अमेरिकी समकक्ष जूली चुंग से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच आपसी हित के व्यापक विषयों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही बैठक के दौरान दोनों ने द्वीप आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका की खराब आर्थिक स्थिति को कम करने में मदद करने का वादा भी किया।
चीनी दूतावास ने किया ट्वीट
श्रीलंका में चीनी दूतावास ने एक ट्वीट करके इस मुलाकात की जानकारी दी। यहां चीनी दूतावास ने ट्वीट किया कि चीनी राजदूत क्यूई झेनहोंग ने 13 जून को चीनी दूतावास में अमेरिकी राजदूत जूली चुंग से मुलाकात की। बैठक में कहा गया कि चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका श्रीलंका को मौजूदा कठिनाइयों से उबरने में मदद करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।
अमेरिकी राजदूत चुंग ने बैठक पर टिप्पणी करते हुए कहा कि चर्चा के दौरान श्रीलंका में वर्तमान राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पर भी वार्ता हुई। इस दौरान दोनों के बीच व्यापार निवेश और विकास पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। वार्ता के दौरान दोनों दूत वर्तमान आर्थिक और राजनीतिक संकट के दौरान श्रीलंका की मदद करने के लिए संयुक्त रूप से आगे आने की आवश्यकता पर सहमत हुए।
श्रीलंका के प्रधान मंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने दिया था बयान
बता दें कि दोनों देशों के राजदूतों के बीच यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब श्रीलंका के प्रधान मंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने पिछले हफ्ते कहा था कि अभी तक बीजिंग से 1 बिलियन अमरीकी डालर के ऋण पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। पिछले हफ्ते एक मीडिया ब्रीफिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि बीजिंग ने श्रीलंका को 73 मिलियन अमरीकी डालर की मानवीय सहायता दी थी।
आर्थिक संकट का सामना कर रहा है श्रीलंका
गौरतलब है कि 1948 में ब्रिटेन से आजादी के बाद से श्रीलंका वर्तमान में सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। आर्थिक संकट के कारण यहां भोजन, दवा, रसोई गैस और अन्य ईंधन, टॉयलेट पेपर और यहां तक कि माचिस जैसी आवश्यक वस्तुओं की भी भारी कमी को श्रीलंकाई लोगों को ईंधन और रसोई गैस खरीदने के लिए दुकानों के बाहर घंटों इंतजार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। श्रीलंका का कुल विदेशी कर्ज 51 अरब डॉलर है।