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पाक-चीन दोस्ताना: इमरान ने की जिनपिंग से मुलाकात, फिर आया कश्मीर पर ड्रैगन का विवादित बयान

Mon, 07 Feb 2022 01:48 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

पीएम इमरान खान चार दिनी चीन यात्रा के आखिरी दिन जिनपिंग से मिले। इसके बाद जिनपिंग ने भारत और पाकिस्तान को कश्मीर मसले का हल शांतिपूर्ण ढंग से निकालने के लिए कहा। 
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इमरान खान और शी जिनपिंग - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। बीजिंग विंटर ओलंपिक के बहाने बीजिंग पहुंचे पाक पीएम इमरान खान ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इसमें उन्होंने कश्मीर का रोना रोया। इसके बाद शी ने भारत को कश्मीर पर एकतरफा कदम उठाने से परहेज करने की परोक्ष सलाह दे डाली। 

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पीएम इमरान खान चार दिनी चीन यात्रा के आखिरी दिन जिनपिंग से मिले। इसके बाद शी जिनपिंग ने भारत और पाकिस्तान को कश्मीर मसले का हल शांतिपूर्ण ढंग से निकालने के लिए कहा है। माना जा रहा है कि इमरान खान ने बीजिंग में अपने देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था और दूसरे कई मुद्दों पर चीन के नेताओं से मदद पाने के लिए चर्चा की। जिनपिंग के साथ बैठक में दोनों नेताओं ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की धीमी प्रगति समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। पाकिस्तान में चीनी परियोजनाओं पर काम कर रहे चीन के कर्मचारियों पर हुए आतंकी हमलों पर भी बातचीत हुई।

इमरान खान चीन के मुरीद
पाक पीएम इमरान खान चीन के इतने मुरीद है कि उन्होंने उइगर मुस्लिमों के चीन द्वारा दमन को भी उचित बता दिया है। वह कश्मीर मामले में चीन की मदद लेने की खातिर उसका एकतरफा समर्थन कर रहे हैं। इमरान खान ने कहा कि उइगरों को लेकर चीन जो भी कर रहा है वह सही कर रहा है और हम उसकी नीतियों का समर्थन करते हैं। पाकिस्तान ने विश्व के करीब 243 संगठनों के उन आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया जो कि शिनजियांग प्रांत में रहने वाले उइगर मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार के बाद चीन पर लगे हैं।  बीजिंग में इमरान खान और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि पाकिस्तान ताइवान, दक्षिण चीन सागर, हांगकांग, शिनजियांग और तिब्बत पर चीन की नीतियों का समर्थन करता है। पाकिस्तान के समर्थन के बाद से चीन और भी अधिक मनमानी करने पर उतारू हो सकता है। 
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रूस ने सुनाई खरी-खरी
इमरान खान चीन की तरह ही रूस से भी कश्मीर मामले में मदद की गुहार लगा रहे हैं। लेकिन रूस ने साफ शब्दों में कह दिया है कि यह मसला दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय है और रूस की नीति ऐसे मामलों में दखल नहीं देने की है। इमरान खान मार्च में रूस यात्रा पर जाने वाले हैं। 

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