चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) के पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से गुजरने को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) परियोजना का बचाव करते हुए कहा कि इससे हमारा उद्देश्य भू-राजनीतिक हित साधना नहीं है, लेकिन पीओके जैसे विवादित क्षेत्र में परियोजना को लेकर हम चिंतित हैं।
बता दें कि भारत-चीन संबंधों में बीआरआई एक बड़ी बाधा बन गई है, क्योंकि सीपीईसी को इसमें प्रमुख परियोजना के रूप में दिखाया गया है। भारत सीपीईसी के खिलाफ है क्योंकि इसका एक बड़ा हिस्सा
पीओके से होकर गुजरेगा। जिनपिंग ने कहा कि बीआरआई भले ही चीन का आइडिया हो लेकिन इसके अवसर और परिणाम पूरी दुनिया को फायदा पहुंचाएंगे।
यह पूछे जाने पर कि क्या इस परियोजना का उद्देश्य चीन का प्रभुत्व बढ़ाना है, जिनपिंग ने कहा कि चीन न ही इसमें कोई अवरोध चाहता है और न अन्य देशों पर बिजनेस डील थोप रहा है। जिनपिंग चीनी शहर बोआओ में आयोजित बोआओ फॉरम फॉर एशिया (बीएफए) को संबोधित कर रहे थे।