चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कम्युनिस्ट पार्टी की कांग्रेस सम्मेलन से कुछ दिन पहले पीएलए के शीर्ष नेतृत्व में फेरबदल किया है। सत्ताधारी पार्टी के कांग्रेस से ठीक पहले दुनिया की सबसे बड़ी सेना में अपनी ताकत को और बढ़ाते हुए शी ने उसमें नए जनरलों की नियुक्ति की है।
चीन के राष्ट्रपति ने यह फेरबदल उस वक्त किया गया जब चीन के कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) का 19वां कांग्रेस सम्मेलन आगामी 18 अक्तूबर से होने जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बैठक में शी को सीपीसी के महासचिव के पांच साल के दूसरे कार्यकाल का अनुमोदन किया जाएगा।
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केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के ज्वाइंट स्टाफ विभाग के प्रमुख जनरल फांग फेंगुई और राजनीतिक कार्य विभाग के प्रमुख जनरल झांग यांग को 23 लाख जवानों-अधिकारियों वाली पीएलए से हटा दिया गया है। शी पीएलए की उच्च कमान सीएमसी की अगुवाई करते हैं तथा 11 सदस्यीय आयोग में वह एकमात्र असैन्य सदस्य हैं।
फांग के स्थान पर जनरल ली जुओचेंग को नियुक्त किया गया है और झांग के स्थान पर एडमिरल मियाओ हुआ, की नियुक्ति की गई है। इनकी नियुक्ति सेना पर शी के एकछत्र राज की ओर संकेत है। शी ने अपने पहले कार्यकाल में पार्टी और सेना के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है।
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शी 2012 में पार्टी के महासचिव बने और इसके बाद भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल कम से कम 13 हजार सैन्य अधिकारियों को दंडित किया गया।